सतना। प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने मध्य प्रदेश के सतना जिले की खस्ताहाल सड़कों और बदहाल बायपास को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सतना के बायपास पर तो सड़क बची ही नहीं है और चित्रकूट आते-जाते समय कई बार उनका मन हुआ कि वे इस बदहाली का वीडियो बनाकर भेजें। मथुरा में आयोजित एक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के दौरान की गई उनकी यह टिप्पणी गुरुवार रात सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सतना के प्रशासनिक और निर्माण महकमे में हलचल तेज हो गई है।
सतना के युवा नेता शशांक सिंह ने उठाए स्थानीय मुद्दे
मथुरा में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में सतना के युवा नेता शशांक सिंह पहुंचे थे। शशांक सिंह ने सतना के सोनोरा इलाके की जमीनों पर भूमाफियाओं के कथित अवैध कब्जों का मामला प्रमुखता से उठाया और अनिरुद्धाचार्य से सतना कलेक्टर के नाम इस संबंध में संदेश देने का आग्रह किया।
'बायपास पर सड़क ही गायब', अनिरुद्धाचार्य ने साझा किया अनुभव
सतना का जिक्र आते ही अनिरुद्धाचार्य ने चित्रकूट धाम की अपनी यात्राओं के दौरान सड़कों के बदहाल रवैये पर अपना अनुभव साझा किया: अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि सतना बायपास और उससे जुड़ने वाली दूसरी सड़कों की हालत बेहद दयनीय है। बायपास पर गड्ढों के कारण सड़क का अस्तित्व ही नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि चित्रकूट आते-जाते समय कई बार उनका मन हुआ कि वे खुद गाड़ियों के झटकों और बदहाल सड़कों का वीडियो बनाकर सार्वजनिक रूप से प्रेषित करें, ताकि जिम्मेदार जागे।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के मुख्य मार्ग पर उठे सवाल
सतना से चित्रकूट जाने वाला मार्ग केवल स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन का मुख्य जरिया है। अनिरुद्धाचार्य की इस टिप्पणी के सामने आने के बाद सतना जिले में सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।














