चंदला, जीतेन्द्र तिवारी। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले अंतर्गत चंदला स्थित संदीपनी विद्यालय में शुक्रवार को एक बड़ा और दिल दहला देने वाला हादसा होते-होते टल गया। विद्यालय परिसर में बने एक खुले और असुरक्षित कुएं में प्राथमिक कक्षा का एक मासूम छात्र अचानक गिर गया। कुएं में बच्चे के गिरते ही परिसर में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से समय रहते बच्चे को सकुशल कुएं से बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक मासूम की जान बच गई और एक बड़ा दर्दनाक अनर्थ होने से टल गया।


इस गंभीर घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली, संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित छात्र के पिता ने स्कूल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गहरा रोष व्यक्त किया है। पिता का कहना है कि स्कूल परिसर में मासूम बच्चों की आवाजाही के बीच इतना गहरा और खुला कुआं खुला छोड़ना सीधे तौर पर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ है। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी अनहोनी और जानलेवा घटना घटित होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन अथवा किसी शिक्षक ने परिजनों को इस बात की सूचना देना तक मुनासिब नहीं समझा, जिसे लेकर परिजनों में भारी नाराजगी है।



हादसे की खबर कस्बे में फैलते ही स्थानीय नागरिकों और अन्य छात्र-छात्राओं के अभिभावकों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। अभिभावकों का दो टूक कहना है कि माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों की इस तरह की खुली अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए, लापरवाह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और परिसर में मौजूद असुरक्षित कुएं को अविलंब सुरक्षित रूप से ढंकवाया या बंद कराया जाए ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान जोखिम में न पड़े।