सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोदना में दिल दहला देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। प्रेम प्रसंग के चलते पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने घर में घुसकर मां और 13 वर्षीय बेटी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इस दर्दनाक हादसे में इलाज के दौरान गुरुवार को मां गिरजाबाई की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी उनकी बेटी आयुषी (13 वर्ष) भोपाल के हमीदिया अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
प्रेम प्रसंग की रंजिश में दिया गया वारदात को अंजाम
थाना प्रभारी अनूप यादव के अनुसार, 2 नवंबर की शाम करीब 7:30 बजे ग्राम गोदना में गिरजाबाई और उनकी बेटी आयुषी अपने कमरे में थीं। इसी दौरान उनकी रिश्ते की देवरानी काजल गोस्वामी (पति आकाश ठाकुर, उम्र 28 वर्ष) हाथ में पेट्रोल से भरा स्टील का डिब्बा लेकर वहां पहुंची और दोनों पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। पूछताछ में आरोपी काजल ने खुलासा किया कि उसके पति आकाश ठाकुर और गिरजाबाई के बीच शादी के पहले से प्रेम संबंध थे। इसी बात से नाराज होकर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपी महिला गिरजाबाई का चेहरा जलाना चाहती थी।
मरणासन्न बयान और सीसीटीवी फुटेज बने अहम सबूत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल मां-बेटी के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष मरणासन्न बयान दर्ज कराए, जिसमें उन्होंने काजल द्वारा आग लगाने की बात स्पष्ट रूप से बताई। गांव के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी महिला घर के पीछे के रास्ते से आते-जाते कैद हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आरोपी द्वारा छुपाए गए कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। वारदात के बाद आरोपी ने खुद पर शक न हो, इसके लिए अपने कपड़े बदलकर सीधे अस्पताल का रुख किया था।
मां की मौत के बाद हत्या की धाराएं जुड़ेंगी
घटना में गिरजाबाई लगभग 100 प्रतिशत और बेटी आयुषी करीब 70 प्रतिशत झुलस गई थीं। बीना से सागर और फिर भोपाल रेफर किए जाने के बाद बीएमसी सागर में इलाज के दौरान गिरजाबाई ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद अब पुलिस इस मामले में हत्या (धारा 302) और अन्य गंभीर धाराओं को बढ़ाने की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। वहीं, आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
















