छतरपुर। छतरपुर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से घरेलू हिंसा और प्रशासनिक संवेदनहीनता का एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां राजनंदनी पुरम के सामने स्थित आनंद पुरम कॉलोनी में एक अहिरवार परिवार में आपसी विवाद इस कदर बढ़ गया कि पति और उसकी मां ने मिलकर अपनी ही बहू पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान महिला करीब एक घंटे तक खुले आसमान के नीचे सड़क पर बेहोशी की हालत में तड़पती रही। इस दौरान पीड़िता का 5 वर्षीय मासूम बेटा अपनी मां की यह हालत देखकर बिलख-बिलख कर रोता रहा, जिससे पूरे मोहल्ले में गमगीन माहौल बन गया।

घरेलू विवाद में बहू के साथ बेरहमी से मारपीट

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय रहवासियों के अनुसार, आनंद पुरम निवासी अहिरवार परिवार में पारिवारिक विवाद के चलते अचानक झगड़ा शुरू हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पति और सास ने महिला पर हमला बोल दिया और बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान महिला गंभीर रूप से घायल होकर घर के बाहर सड़क पर गिर पड़ी और बेहोश हो गई। मां को सड़क पर अचेत पड़ा देख उसका 5 साल का मासूम बच्चा लिपटकर रोता रहा, जिसे देखकर राहगीरों और मोहल्ले वालों का दिल पसीज गया।



सूचना के एक घंटे बाद भी नहीं पहुंची 112 और एंबुलेंस, लोगों में आक्रोश

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा को भी फोन किया। हालांकि, करीब एक घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी न तो पुलिस का कोई वाहन मौके पर पहुंचा और न ही एंबुलेंस वहां आ सकी। आपातकालीन सेवाओं की इस घोर लापरवाही और देरी को लेकर मोहल्लेवासियों में भारी रोष और आक्रोश देखा गया।

इलाज और सख्त कार्रवाई की मांग

आसपास के लोगों ने आपातकालीन सेवाओं के न पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए खुद ही मानवीय आधार पर महिला की मदद करने और उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ मासूम बच्चा अपनी बेसुध मां के पास चीख-पुकार कर रहा था और दूसरी तरफ पुलिस व एंबुलेंस का समय पर न पहुंचना सिस्टम की भारी विफलता को दर्शाता है। मोहल्ले के लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी पति और सास के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।