ब्रह्मा की नगरी में गूंजेगी हनुमंत कथा: पुष्कर पहुंचे बागेश्वर महाराज, राजस्थानी परंपरा से हुआ भव्य स्वागत

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पुष्कर (अजमेर)। तीर्थराज पुष्कर की पावन धरा पर आध्यात्मिक उल्लास का नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सुप्रसिद्ध कथावाचक बागेश्वर महाराज (पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) अजमेर क्षेत्र के प्रवास के दौरान आज ब्रह्मा जी की नगरी पहुंचे, जहां कल से तीन दिवसीय संगीतमय श्री हनुमंत कथा का प्रवाह होगा।
एयरपोर्ट पर महाराज श्री के आगमन के साथ ही भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा और राजस्थानी लोक संस्कृति व परंपराओं के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया गया। यह पहला अवसर है जब ब्रह्मा जी के नाम पर बसे इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगर में बागेश्वर महाराज की कथा का आयोजन हो रहा है, जिसे लेकर समूचे क्षेत्र में भारी उत्साह व्याप्त है।
23 से 25 फरवरी तक चलने वाली इस त्रि-दिवसीय अमृतमयी कथा के लिए भव्य तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आयोजन की पूर्व संध्या पर पुष्कर नगर में एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह यात्रा नगर के प्राचीन हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर ब्रह्म देव के मंदिर पर श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई।
आयोजकों का अनुमान है कि इस प्रथम आयोजन में न केवल स्थानीय जनमानस बल्कि देश के विभिन्न कोनों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचेंगे। प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
पुष्कर की वैश्विक पहचान के चलते इस कथा में एक विशेष आकर्षण विदेशी सैलानियों का भी रहेगा। तीर्थराज में आध्यात्मिक शांति की तलाश में आए सात समंदर पार के पर्यटक भी बागेश्वर महाराज के कथा पंडाल में भारतीय सनातन संस्कृति और भक्ति रस का आनंद लेने पहुंचेंगे।
तीन दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक महाकुंभ में जहां देसी श्रद्धालु श्रद्धा की डुबकी लगाएंगे, वहीं विदेशी मेहमानों के लिए भी भारतीय दर्शन को समझने का यह एक अनूठा अवसर होगा। कथा को लेकर पुष्कर के सभी आश्रम और होटल पूरी तरह से भरे हुए हैं और समूचा नगर 'जय श्री राम' और 'जय बागेश्वर धाम' के उद्घोष से गुंजायमान है।

बागेश्वर महाराज के स्वागत में स्थानीय पारंपरिक नृत्य


