रणक्षेत्र बना सिहोरा अब शांत; सड़कों पर पुलिस का पहरा, 61 उपद्रवी सलाखों के पीछे, देखिए ग्राउंड जीरो से ताजा रिपोर्ट

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जबलपुर। जबलपुर जिले के सिहोरा तहसील में गुरुवार रात दुर्गा मंदिर में आरती के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह नियंत्रण में है। हिंसक झड़प, पथराव और आगजनी की घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी, लेकिन प्रशासन की सख्त कार्रवाई से अब सामान्य जनजीवन बहाल हो चुका है।
दुकानें खुल गई हैं, बाजार में चहल-पहल लौट आई है और बोर्ड परीक्षार्थी पुलिस सुरक्षा में अपने केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
पुलिस की कार्रवाई तेज
प्रशासन के अनुसार, पूरे मामले में अब तक 5 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। कुल 61 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। घटना वाली रात 49 गिरफ्तारियां हुईं, जबकि अगली रात 12 और लोगों को हिरासत में लिया गया। सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
एहतियात के तौर पर 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों जैसे वार्ड नंबर 5 में लगातार गश्त जारी है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय ने मौके पर पहुंचकर हालात की समीक्षा की।
एसपी संपत उपाध्याय ने कहा "सिहोरा में अब पूरी तरह शांति है। बाजार और दैनिक कार्य सामान्य रूप से चल रहे हैं। एहतियातन पुलिस बल तैनात है, जिसमें 2 अतिरिक्त एसपी और 3 डीएसपी शामिल हैं। हम लगातार आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तारियां कर रहे हैं। स्थानीय सम्मानित नागरिकों से मीटिंग कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इतने पुलिस बल की जरूरत नहीं पड़ेगी।"
विवाद कैसे शुरू हुआ?
जबलपुर से करीब 40 किमी दूर सिहोरा के आजाद चौक में दुर्गा मंदिर और मस्जिद (मदीना मस्जिद) आमने-सामने स्थित हैं। गुरुवार रात करीब 9 बजे मंदिर में आरती और मस्जिद में अजान/नमाज एक ही समय पर हो रही थी। लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो जल्द ही झड़प, पथराव और मारपीट में बदल गई।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर की ग्रिल तोड़ने या तोड़फोड़ के आरोप लगे, जिससे विवाद भड़क गया। भीड़ ने पथराव किया, कुछ वाहनों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े और स्थिति संभाली।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक स्थल को बड़ा नुकसान नहीं हुआ और कोई हताहत नहीं है। दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई जारी है।
