न रुकेंगे, न थकेंगे, चलते चलेंगे: बागेश्वर महाराज

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डबरा, रोहित पाठक। मां पीतांबरा की पावन धरती पर प्रसिद्ध कथावाचक बागेश्वर महाराज का आगमन हुआ। ग्वालियर के समीप स्थित डबरा शहर में नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर बागेश्वर महाराज की तीन दिवसीय श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
कथा के रसपान के लिए डबरा-चंबल क्षेत्रवासियों को आध्यात्मिक रसपान कराया जाएगा। डबरा में आयोजित नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा समारोह में तीन दिनों तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालु भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। आज बागेश्वर महाराज दतिया स्थित हवाई अड्डे पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने उनका पुष्पमालाओं से जोरदार स्वागत किया। आगमन के साथ ही डबरा में धार्मिक उत्साह का वातावरण बन गया। हनुमंत कथा के दौरान एक दिवसीय महादिव्य दरबार का भी आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान हेतु उपस्थित रहेंगे। चंबल क्षेत्र में बागेश्वर महाराज की यह दूसरी कथा है।
इससे पूर्व उन्होंने दतिया में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया था, जिसमें अपार जनसमूह उमड़ा था। आने वाले तीन दिनों में डबरा में भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
दतिया एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हाय बागेशर महराज ने कहा कि सनातन संस्कृति और हिंदुत्व का परचम ऐसे ही लहराता रहे, यही प्रयत्न और संकल्प है। न रुकेंगे, न थकेंगे, चलते चलेंगे ऐसे लोगों को समाज में और राष्ट्र में रहने का अधिकार नहीं है जो धोखे के साथ धर्म परिवर्तन करवाते हैं। धर्म परिवर्तन होता ही नहीं है। हिन्दू कभी भी धर्म परिवर्तन नहीं चाहता। बदलवाने के लिए बड़ी-बड़ी साजिशें की जाती हैंहिन्दू राष्ट्र के लिए सनातन के संत और ग्रंथ बहुत हैं। सनातन संत और ग्रंथ को बचाना है। संत की महिमा तभी बनेगी जब प्रत्येक व्यक्ति के अंदर संतत्व प्रकट होगा।


