छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में वर्षों की बकाया मजदूरी न मिलने, आर्थिक तंगी और कथित प्रताड़ना से त्रस्त होकर एक मजदूर द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने का दर्दनाक मामला सामने आया है। जहर खाने के बाद गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर मजदूरी हड़पने और प्रताड़ित करने वाले व्यक्ति को इस मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, गढ़ीमलहरा निवासी विजय अहिरवार (पिता पुनिया अहिरवार) पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र के निवासी अमित दिवाले के यहां नियमित रूप से मजदूरी का काम कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि इतने लंबे समय से काम करने के बावजूद विजय को नकद मेहनताना नहीं दिया जाता था, बल्कि केवल थोड़ा-बहुत राशन और घरेलू उपयोग की जरूरी सामग्री देकर ही काम चलाया जा रहा था। इस दौरान विजय की दूसरी बेटी का विवाह तय हुआ था, जिसके चलते घर में पैसों की सख्त आवश्यकता थी। शादी के खर्चों के प्रबंध के लिए विजय ने जब अपनी वर्षों की जमा बकाया मजदूरी की मांग की, तो कथित तौर पर उन्हें पैसे देने से साफ इनकार कर दिया गया। आरोप है कि पैसे मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट भी की गई, जिससे आहत और बेटी की शादी की चिंता में डूबे विजय ने सल्फास खा लिया।


मृतक के पुत्र आशिक अहिरवार ने बताया कि उसके पिता ने दम तोड़ने से पहले स्पष्ट रूप से नियोक्ता की प्रताड़ना और पैसे न मिलने के कारण जहर खाने की बात परिजनों को बताई थी। आशिक के मुताबिक, बड़ी बहन के विवाह के समय भी नियोक्ता ने बाद में सारा हिसाब चुकता करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब जब दूसरी बहन के हाथ पीले करने का समय आया, तो भी मेहनताना देने के बजाय अपमानित किया गया। लाचार पिता इस आर्थिक मानसिक दबाव और बेइज्जती को सहन नहीं कर सके और उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। बेटे ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए पिता को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या और प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।


मामले के संबंध में गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी ओशो गुप्ता ने बताया कि घटना की जानकारी अस्पताल चौकी के माध्यम से संज्ञान में आई है। परिजन जहर के असर के चलते गंभीर हालत में मजदूर को सीधे जिला अस्पताल ले गए थे, उस समय थाने में कोई औपचारिक सूचना या रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस ने तत्काल जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मृतक के परिजनों के विधिवत बयान, उपलब्ध साक्ष्यों, मृत्यु पूर्व दिए गए कथित बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।