मुरैना, देवेन्द्र सिंह राजपूत। जिले में खाद की किल्लत के बीच नकली DAP खाद की पैकिंग का मामला सामने आया है। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने जेवराखेरा रोड स्थित एक ठिकाने पर छापेमार कार्रवाई कर करीब 300 पैक किए हुए बोरे जब्त किए हैं। मौके पर पैकिंग मशीन, सफेद बोरों में रखी खाद और एक मिनी लोडिंग वाहन भी मिला है। प्रारंभिक जांच में खाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया गया है।


पुलिस के अनुसार, थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जेवराखेरा रोड पर एक कच्चे मकान में खाद की पैकिंग की जा रही है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो टिनशेड के अंदर सफेद बोरों से खाद निकालकर हरे बोरों में भरी जा रही थी। इन बोरों पर इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी का नाम, प्रधानमंत्री की तस्वीर और भारतीय जन उर्वरक परियोजना के तहत DAP खाद होने का उल्लेख था।


मौके से करीब 300 पैक किए हुए बोरे मिले। इसके अलावा एक कमरे में सफेद बोरों में रखी खाद, पैकिंग मशीन और खाद के आठ बोरों से भरा मिनी लोडिंग वाहन भी मिला। पुलिस को आशंका है कि खाद की पैकिंग बदलकर उसे असली सरकारी खाद के रूप में बाजार में खपाने की तैयारी थी। पूछताछ में पहले भी खाद के बोरे लोडिंग वाहन से भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब कारोबार से जुड़े लोगों और सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।


पानी में घुलने पर उठे सवाल, नमूने जांच के लिए भेजे

कार्रवाई के बाद कृषि विभाग को सूचना दी गई। कृषि विभाग के उप संचालक अनंत सड़ैया टीम के साथ मौके पर पहुंचे और खाद के नमूने लिए। जांच के दौरान एक नमूने को पानी में डालने पर वह तत्काल घुल गया। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक केवल पानी में घुलने के आधार पर खाद को नकली घोषित नहीं किया जा सकता।

खाद की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें मौजूद रासायनिक पदार्थों की पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट से ही होगी। जिले में DAP खाद की कमी के चलते किसान पहले से ही परेशान हैं। ऐसे में नकली खाद की बिक्री से किसानों की फसलों और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फिलहाल जब्त खाद के नमूनों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।