छतरपुर। छतरपुर जिले के राजनगर अनुभाग में शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) के विशेष निराकरण शिविर से नदारद रहने पर बड़ी गाज गिरी है। राजनगर एसडीएम (SDM) विशा माधवानी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पटवारी हल्का नांद में पदस्थ महिला पटवारी अंजलि सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटवारी के खिलाफ यह कार्रवाई किसानों की लंबे समय से मिल रही शिकायतों और शिविर में गैर-हाजिर पाए जाने के बाद की गई है। इस कार्रवाई से राजनगर तहसील के लापरवाह राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, बीती 13 जून 2026 को राजनगर में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में मुख्य रूप से किसानों के जमीन सीमांकन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) से जुड़ी संवेदनशील शिकायतों का निपटारा होना था। इसके लिए अनुभाग के सभी पटवारियों को सुबह 11:00 बजे अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिखित निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद पटवारी अंजलि सिंह दोपहर 1:00 बजे तक शिविर में नहीं पहुंचीं, जबकि प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार उनके ही हल्के (नांद) में सीमांकन से संबंधित सबसे ज्यादा शिकायतें पेंडिंग थीं, जिसके कारण दूर-दराज से आए किसान परेशान होते रहे।
मुख्यालय पर न रहने और फर्जी निराकरण दर्ज करने का आरोप
शिविर के दौरान ही क्षेत्र के पीड़ित किसानों और शिकायतकर्ताओं ने सीधे एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर पटवारी अंजलि सिंह की कार्यशैली को लेकर आक्रोश व्यक्त किया।
किसानों का आरोप: पटवारी अंजलि सिंह निर्धारित शासकीय मुख्यालय पर निवास नहीं करती हैं और न ही नियमित रूप से अपने हल्के में आती हैं। इसके चलते क्षेत्र के किसानों को समय पर जरूरी दस्तावेज नहीं मिल पाते और वे शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जब इन शिकायतों का मौके पर ही परीक्षण किया गया और शिकायतकर्ताओं के तथ्यों की जांच की गई, तो पटवारी की लापरवाही उजागर हो गई। जांच में एक और बेहद गंभीर बात सामने आई कि पटवारी अंजलि सिंह द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किसानों की समस्याओं का धरातल पर काम किए बिना ही 'गलत निराकरण' (फर्जी क्लोजर) दर्ज कर दिया गया था, जो सीधे तौर पर वरिष्ठों को गुमराह करने की श्रेणी में आता है।
सिविल सेवा नियमों के तहत हुई कार्रवाई, राममिलन पाल को प्रभार
एसडीएम राजनगर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पटवारी अंजलि सिंह का यह कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1), 3(2), 3(3) एवं नियम 7 के सर्वथा विपरीत और शासकीय सेवा के प्रति घोर लापरवाही का परिचायक है। यह कृत्य सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है। इसी के आधार पर एसडीएम ने नियम 9 के तहत अंजलि सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक जांच संस्थित कर दी है।
निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान अंजलि सिंह का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजनगर नियत किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। वहीं, नांद हल्के का काम प्रभावित न हो और किसानों के काम समय पर हो सकें, इसके लिए पटवारी हल्का नांद का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से पटवारी हल्का डहर्रा में पदस्थ राममिलन पाल को सौंप दिया गया है। एसडीएम ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि जनता के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

