इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र अंतर्गत कृष्णबाग कॉलोनी में गरबा उत्सव के दौरान रास्ता रोकने को लेकर हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। गरबा पंडाल के समीप हुए इस विवाद में एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल युवक रक्षित चौबे की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रिटायर्ड सैन्य अधिकारी नीरज राणे और उनके बेटे केशव राणे को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस जांच के अनुसार, यह खूनी वारदात कृष्णबाग कॉलोनी स्थित गरबा पंडाल के पास घटित हुई। आरोपी केशव राणे अपने घर जा रहा था, तभी रास्ते में भीड़ और आवागमन बाधित होने को लेकर उसका रक्षित चौबे से विवाद हो गया। बहस बढ़ने के बाद केशव ने घर पहुंचकर अपने पिता नीरज राणे को पूरी बात बताई। बेटे के साथ हुए विवाद की सूचना मिलते ही पूर्व सैन्य अधिकारी नीरज राणे गुस्से में अपनी लाइसेंसी पिस्तौल लेकर गरबा पंडाल पहुंच गए और वहां अंधाधुंध फायरिंग कर दी।


पेट में गोली लगने से रक्षित चौबे गंभीर रूप से हुए थे घायल

फायरिंग के दौरान चली एक गोली रक्षित चौबे के पेट में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। पंडाल में मौजूद लोगों और परिजनों ने आनन-फानन में घायल रक्षित को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के आईसीयू में चिकित्सकों की टीम लगातार उनका उपचार कर रही थी, लेकिन गंभीर आंतरिक चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और क्षेत्र में तनाव फैल गया।


पुलिस ने दर्ज की हत्या की धाराएं, पिता-पुत्र सलाखों के पीछे

एमआईजी थाना पुलिस ने घटना के तत्काल बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। युवक की मृत्यु के उपरांत पुलिस ने शव का मर्ग कायम कर प्रकरण में हत्या की धाराएं बढ़ा दी हैं। इंदौर की पुलिस अधिकारी हिमानी मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए दोनों नामजद आरोपियों—नीरज राणे और उनके बेटे केशव राणे को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्तौल को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।