पटना। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने धनुष पर बाण चलाकर प्रतीकात्मक रूप से रावण का वध किया। इसके साथ ही 90 फीट ऊंचे रावण, 80 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और 85 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। रावण दहन के दौरान पूरा गांधी मैदान ‘जय श्रीराम’ के जयकारों और आतिशबाजी से गूंज उठा। इस भव्य आयोजन में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को देखने के लिए पटना और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गांधी मैदान पहुंचे।
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम की झांकी रथ के साथ वानर सेना ने गांधी मैदान में प्रवेश किया। भगवान राम और लक्ष्मण की झांकी के दर्शन के लिए लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भगवान राम और लक्ष्मण की आरती उतारी। इस दौरान मैदान में मौजूद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
इसके बाद प्रतीक स्वरूप वीर हनुमान ने सोने की लंका का दहन किया। फिर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने धनुष पर बाण चलाकर रावण दहन की रस्म पूरी की। रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का भी दहन किया गया। पुतलों के जलते ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी से गांधी मैदान का आसमान जगमगा उठा। इस दौरान दर्शकों में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
गांधी मैदान में आयोजित दशहरा मेले और रावण दहन कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। दर्शकों की सुविधा के लिए अलग से दर्शक दीर्घा बनाई गई थी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से कार्यक्रम देख सकें। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस तथा जिला प्रशासन सतर्क रहा। आयोजन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। विजयादशमी के इस आयोजन ने पटना में उत्सव और धार्मिक आस्था का माहौल बना दिया।
















