दुर्ग (छत्तीसगढ़)/मुंबई, 20 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस लाइंस और मुंबई के नायगांव शस्त्रागार में विजयदशमी के अवसर पर मंगलवार को पुलिसकर्मियों ने पारंपरिक शस्त्र पूजा की। इस दौरान उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।दुर्ग में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने इन अनुष्ठानों का नेतृत्व किया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल हुए। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हथियारों की पूजा की गई और इसके बाद इस अवसर को चिह्नित करने के लिए हवा में गोलियां चलाई गईं। पूजा के दौरान अधिकारी पूरी श्रद्धा के साथ सभी अनुष्ठान करते दिखे, जबकि पुजारी मंत्रोच्चार कर रहे थे।
इस कार्यक्रम में दुर्ग शहर के एडिशनल एसपी शोभराज अग्रवाल, ग्रामीण क्षेत्र के एडिशनल एसपी मनीषंकर चंद्र, ट्रैफिक एडिशनल एसपी कौशलेंद्र पटेल, रिजर्व इंस्पेक्टर नीलकंठ वर्मा और कई थाना प्रभारी (एसएचओ) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एसपी शोभराज अग्रवाल ने विजयदशमी को असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी निवासियों को त्योहार की बधाई दी और उनसे अपील की कि वे दशहरा शांति, सद्भाव और भाईचारे के माहौल में मनाएं। उन्होंने यह भी दोहराया कि दुर्ग पुलिस जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दादर-नायगांव इलाके में स्थित मुंबई पुलिस के एक महत्वपूर्ण सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स केंद्र, नायगांव शस्त्रागार में भी इसी तरह का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस के संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) सुवेज हक, सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त दीक्षित गेदाम, सशस्त्र पुलिस के उपायुक्त आनंद भोइते और सेंट्रल रीजन (जोन 2) के डीसीपी अनुराग जैन शामिल हुए।
इस अवसर पर पुलिस ने कहा कि 'शस्त्र पूजा' विजयदशमी की परंपरा और भावना का सम्मान करती है। साथ ही यह नागरिकों की सुरक्षा करने और राष्ट्र की सेवा करने के उनके परम कर्तव्य की याद भी दिलाती है।
परंपरागत रूप से शस्त्र पूजा विजयदशमी के दिन की जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह अनुष्ठान कर्तव्य, साहस और जनता की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है।

















