पटना। विजयादशमी के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 71वां वार्षिक रामलीला उत्सव और रावण वध समारोह मनाया गया। इस दौरान हजारों लोग बुराई पर अच्छाई की प्रतीकात्मक विजय के साक्षी बनने के लिए उमड़ पड़े।
दशहरा कमेटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में रावण के 90 फुट ऊंचे पुतले, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को जलाया गया।
पारंपरिक दृश्य को देखने के लिए एकत्रित भीड़ ने 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के नारे लगाए।
भगवान राम, लक्ष्मण और सीता रथ पर सवार होकर मैदान में पहुंचे, जबकि हनुमान और वानर सेना ने अपने पारंपरिक प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लंका के स्वर्ण नगर का प्रतिनिधित्व करने वाले पुतले को भी जलाया गया, जिससे दृश्य और भी भव्य हो गया।
इस आयोजन ने बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का पारंपरिक संदेश दिया।
पटना और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग विजयादशमी समारोह में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए।
इस समारोह में नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव, बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, और मंत्री राम कृपाल यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस वर्ष का समारोह गांधी मैदान में अंतिम होने की संभावना है, क्योंकि रावण वध उत्सव 2027 से पटना के जेपी गंगा पथ (जिसे लोकप्रिय रूप से मरीन ड्राइव के नाम से जाना जाता है) के पास बन रहे नए रामलीला मैदान में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
यह प्रस्तावित स्थानांतरण गांधी मैदान में वार्षिक आयोजन से जुड़ी यातायात भीड़भाड़ की समस्या को हल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इससे पहले अगले वर्ष से इस कार्यक्रम को नए स्थान पर आयोजित करने की योजना की घोषणा की थी।
पटना के अलावा गांधी मैदान गया, मोतिहारी, बेतिया, गोपालगंज, सीवान, आरा, डालमियानगर, मोहनिया, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका, मधेपुरा, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सासाराम, शिवहर, सीतामढी, छपरा और बिहार के अन्य जिलों में भी रावण दहन समारोह आयोजित किया गया।
















