भोपाल, जीतेन्द्र यादव। कोरोना महामारी के संकट काल में अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नियमितीकरण की मांग को लेकर भोपाल में कोरोना वारियर्स का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरोना संकट के समय जब पूरा देश घरों में था, तब करीब 4 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की गई थी, जिन्होंने दिन-रात मुस्तैदी से स्वास्थ्य सेवाएं दी थीं, लेकिन सेवाएं समाप्त होने के बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
अपनी मांगों को लेकर चल रहे इस आंदोलन के दौरान विरोध का एक अनूठा और गंभीर रूप देखने को मिला, जहां आज कई महिलाओं ने अपना केश दान (मुंडन) किया और उनके साथ कई अन्य साथियों ने भी अपना सिर मुंडवाकर शासन-प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी नियमितीकरण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना समाप्त नहीं होगा। शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय न आने से इन स्वास्थ्य कर्मियों में भारी नाराजगी है और वे अपने हक के लिए संघर्षरत हैं।











