छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। छिंदवाड़ा के ऐतिहासिक छोटी बाजार परिसर में जारी श्रीरामलीला उत्सव के पांचवें दिन राम वनगमन के प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या से वन की ओर प्रस्थान करने, गंगा तट पर केवट से भेंट और पुत्र के विरह में राजा दशरथ के प्राण त्यागने के दृश्यों को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए।
केवट और श्रीराम के संवाद ने बांधा समां
लीला का सबसे भावुक और मुख्य आकर्षण केवट और भगवान श्रीराम के बीच का प्रसंग रहा। जब श्रीराम ने गंगा पार करने के बाद केवट को उतराई देनी चाही, तो केवट ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। केवट बने पात्र ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि जिस तरह उसने प्रभु को नदी पार कराई है, उसी तरह प्रभु भी उसे इस भवसागर से पार लगा दें। इस दृश्य ने पूरे पंडाल को भक्तिमय माहौल में डुबो दिया।
सांसद बंटी साहू लगातार दूसरे साल बने अभिनय का केंद्र
इस वर्ष रामलीला में केवट का महत्वपूर्ण किरदार छिंदवाड़ा के सांसद विवेक बंटी साहू ने निभाया। उनके दमदार अभिनय और संवाद अदायगी को दर्शकों ने खूब सराहा। यह लगातार दूसरा मौका है जब सांसद मंच पर अभिनय करते नजर आए हैं; इससे पिछले वर्ष उन्होंने राजा जनक की भूमिका निभाई थी। सांसद को अभिनय करते देखने के लिए देर रात तक पंडाल में भारी जनसैलाब उमड़ा रहा।












