उमरिया तपस गुप्ता। शारदेय नवरात्र के प्रथम दिन जिले में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय बिरसिंहपुर पाली स्थित प्रसिद्ध माँ विरासिनी मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना की और घट स्थापना कर जिले की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की। नवरात्र के शुभारंभ पर मां के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करना क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और जनआस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर रहा।


शारदेय नवरात्र शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ पर्व की शुरुआत होती है। इस दौरान श्रद्धालु घरों और मंदिरों में कलश स्थापना कर पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। बिरसिंहपुर पाली स्थित मां विरासिनी मंदिर में भी नवरात्र के अवसर पर विशेष धार्मिक महत्व रहता है।


ऐतिहासिक पहचान रखता है माँ विरासिनी मंदिर


बिरसिंहपुर पाली का माँ विरासिनी मंदिर उमरिया जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां स्थापित देवी प्रतिमा को स्थानीय मान्यताओं के अनुसार लगभग 10वीं शताब्दी का माना जाता है। प्रचलित कथा के मुताबिक, देवी की प्रतिमा एक तालाब में मिली थी। बाद में इसे निकालकर स्थापित किया गया और राजा बीरसिंह द्वारा मंदिर निर्माण कराए जाने की मान्यता प्रचलित है। मंदिर काकलेक्टर राखी सहाय इतिहास क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और पीढ़ियों से चली आ रही आस्था से जुड़ा हुआ है।


मां विरासिनी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। नवरात्र के दौरान यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में मनोकामना कलश और ज्योति कलश स्थापित करने की परंपरा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।


कलेक्टर राखी सहाय ने नवरात्र के प्रथम दिन मां की पूजा-अर्चना कर जिले के नागरिकों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मां विरासिनी मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ बिरसिंहपुर पाली की सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।