नई दिल्ली, 11 अक्टूबर । यूनाइटेड किंगडम के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने वैश्विक तेल संकट के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराने की कड़ी आलोचना की। साथ ही, रूस को प्रतिबंधों में ढील देने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिका के बयान को बेतुका बताते हुए कहा कि तेल की कीमतों में उछाल के पीछे की असल वजह होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, ''अमेरिका की ओर से रूसी ईंधन पर लगे प्रतिबंधों में ढील देना बेहद परेशान करने वाला है। यह कहना भी पूरी तरह बेतुका लगता है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए यूक्रेन जिम्मेदार है, जबकि कीमतों में उछाल साफ तौर पर होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद शुरू हुआ था।
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, ''पुतिन की सेना हर दिन यूक्रेन के निर्दोष नागरिकों की जान ले रही है। यूक्रेनी लोग अपने अस्तित्व और अपने देश की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। इसके बावजूद ऐसा लगता है कि व्हाइट हाउस अमेरिकी वाहन चालकों से ऐसे फैसलों की कीमत चुकवाना चाहता है, जिससे पुतिन के युद्ध अभियान को आर्थिक मदद मिल सकती है। मुझे नहीं लगता कि यह रणनीति सफल होगी और न ही इससे ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा फर्क पड़ेगा।''
बोरिस जॉनसन ने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि रूसी तेल और गैस फिर से वैश्विक बाजार में सामान्य रूप से लौटें, तो सबसे पहले इस युद्ध को खत्म करना होगा। और इसका रास्ता एक स्वतंत्र, संप्रभु और स्वायत्त यूक्रेन को सुनिश्चित करने से होकर जाता है।
दरअसल, ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति को लेकर एक समझौता करने के बाद दुनिया में तेल की समस्या के लिए जेलेंस्की को जिम्मेदार ठहराया।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की आलोचना की और रूस की डीजल रिफाइनरियों को निशाना बनाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "जेलेंस्की जो चाहे कर सकते हैं लेकिन वह यह नहीं कर सकते क्योंकि यह पूरी दुनिया की समस्या है।" ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए।
ट्रंप ने कहा कि दुनिया इस समय डीजल ईंधन की रिफाइनिंग क्षमता की कमी जैसी चुनौती का सामना कर रही है और यह समस्या डीजल ईंधन के लिए पर्याप्त रिफाइनरियों की कमी की वजह से पैदा हुई है।













