चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में किसानों की ओर से प्रमुख मांगों का जिक्र करते हुए उसे यथाशीघ्र पूरा करने की बात कही गई है। इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक बलबीर सिंह राजेवाल ने पत्रकारों से बातचीत में जानकारी दी।उनके मुताबिक, हमने अपने ज्ञापन में पानी का भी जिक्र किया है, क्योंकि मौजूदा समय में हमें जो पानी मिल रहा है, उसमें यूरेनियम है, हेवी मेटल है, जिसे देखते हुए हमने ज्ञापन में पानी के मुद्दे का जिक्र किया है। इसके इतर, पंजाब में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले साल खुद जल मंत्री ने इस बात का जिक्र अपने भाषण में करते हुए कहा था कि पंजाब कैंसर स्टेट के रूप में तब्दील हो रहा है। इन्हीं सब स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार से मांग है कि वह हालातों को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक बलबीर सिंह ने कहा कि हमारी मांग है कि हर शहर और हर गांव में पेयजल मिले और कृषि के लिए पानी मिले। सरकार फ्री ट्रेड करने जा रही है। सरकार मौजूदा समय में बहुत कुछ छुपाने की कोशिश कर रही है। अमेरिकी सरकार किसानों के पास जाकर उनके खेतों की जांच रही है। अमेरिकी सरकार अपने किसानों को हर मुमकिन मदद देने का आश्वासन दे रही है, लेकिन अफसोस की बात है कि मौजूदा सरकार इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम नहीं उठा रही है। इसी तरह से हमने कर्ज का भी मुद्दा उठाया। आजादी से पहले एक किताब लिखी गई थी, जिसमें कहा था कि यहां का किसान कर्ज में पैदा होता है और कर्ज में ही मर जाता है। 1984 में राजभवन का घेराव किया था। उस समय जवाहर कमेटी बनी थी। पहले जब हम खाद्य संकट का सामना कर रहे थे, उस वक्त हमारी मदद की गई थी। इसके बाद हमारी उपेक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि 2007-2008 में जब बादल साहब सीएम के पद पर थे, तब उन्होंने कृषि अर्थशास्त्रियों की एक कमेटी बनाई थी। तब इस कमेटी ने भारत सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी। भारत सरकार ने वीट और पेडी में कम दाम तय करके कई रुपए निचोड़ लिए। लिहाजा, यह कहा जा सकता है कि मौजूदा समय में यह स्थिति सरकार की नीतियों की वजह से बनी हुई है। सरकार जब कॉरपोरेट हाउस के कर्ज को माफ कर देती है तो इस देश के किसानों और मजदूरों के क्यों नहीं करती। इसके अलावा, डेम सैफ्टी एक्ट का भी विरोध किया। बीबीएमबी में पंजाब और हरियाणा के किसान रहे हैं, लेकिन अब तो पंजाब को इससे बाहर करके राजस्थान को शामिल कर लिया, जिसका हम विरोध करते है। वहीं, हम सरकार से मांग करते हैं कि डेम सैफ्टी एक्ट को वापस ले।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने हमें बताया कि वो 26 जून को दिल्ली जा रहा हूं, जहां पर मैं आपके ज्ञापन का जिक्र करके आपके मुद्दों का समाधान करूंगा। इसके अलावा, कुछ केस हमारे किसान भाइयों पर दर्ज थे, जिस पर सरकार ने वादा किया था कि इन्हें वापस लिया जाएगा, लेकिन अभी तक उसे वापस नहीं लिया गया। इसका भी जिक्र हमने ज्ञापन में किया।

