नई दिल्ली। राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत देशभर में मौजूदा आयुष औषधालयों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों (एससी) की 12,500 इकाइयों को उन्नत कर आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में संचालित किया गया है, जिन्हें अब ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष)’ नाम दिया गया है। यह जानकारी मंगलवार को राज्यसभा में दी गई।केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि वर्तमान में देशभर में 40,269 औषधालय और 3,648 अस्पताल आयुष ओपीडी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र प्रायोजित योजना राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत, एनएएम दिशा-निर्देशों के प्रावधानों के अनुसार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को उनकी स्टेट एनुअल एक्शन प्लान (एसएएपी) के माध्यम से भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर समेकित निधि जारी की जाती है।आयुष औषधालयों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में उन्नत करने के लिए प्रति इकाई 16.22 लाख रुपए तथा उप-स्वास्थ्य केंद्रों (सब-सेंटर) को उन्नत करने के लिए प्रति इकाई 15.744 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि कर्नाटक में ऐसे केंद्रों की संख्या सबसे अधिक है, जहां 7,641 आयुष औषधालय और 274 आयुष अस्पताल संचालित हैं।
जाधव ने कहा कि परिचालन दिशानिर्देशों के अनुसार, एएएम (आयुष) को आयुष सिद्धांतों और प्रथाओं (योग चिकित्सा, आयुर्वेद परामर्श, प्राकृतिक चिकित्सा उपचार, आदि) के आधार पर एक समग्र कल्याण मॉडल स्थापित करने के उद्देश्य से मंजूरी दी गई थी, जो निवारक, प्रोत्साहन, उपचारात्मक और पुनर्वास स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान केंद्रित करता है। जैसा कि राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा रिपोर्ट किया गया है, आयुष औषधालयों/उप स्वास्थ्य केंद्रों को एएएम (आयुष) में अपग्रेड करने के बाद एएएम (आयुष) में आने वाले लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है, क्योंकि ओपीडी सेवाओं के अलावा, ये सुविधाएं प्रकृति परीक्षण और योग से संबंधित गतिविधियों जैसी कई अन्य सेवाएं भी प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर तैनात आयुष चिकित्सकों की गुणवत्ता, मान्यता, प्रशिक्षण सुनिश्चित करने और परिचालन एएएम (आयुष) द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न गतिविधियों/सेवाओं की कार्यान्वयन प्रगति की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय टीम के दौरे के अलावा एनएबीएच मूल्यांकन और तीसरे पक्ष की समीक्षा भी होती है।
राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों को एएएम (आयुष) टीम के उचित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रेफरल संबंधों को मजबूत करने, बेहतर परिणामों के लिए क्षेत्र-स्तरीय कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से आशा की प्रभावी भागीदारी की सलाह दी गई है।




