छतरपुर, विनोद मिश्रा। किशनगढ़ थाना क्षेत्र के नगदा गांव में बीती रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां 20 वर्षीय आदिवासी युवक वीर सिंह गौंड अपने घर की छत से नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि युवक रात में छत पर सो रहा था और देर रात नित्य क्रिया के लिए उठने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। छत पर मुंडेर न होने के कारण वह सीधे 15 फीट नीचे आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।
एंबुलेंस न मिलने पर बाइक से तय किया 50 किमी का सफर
हादसे के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की लाचारी एक बार फिर उजागर हुई। परिजनों द्वारा काफी प्रयास के बाद भी जब एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, तो मजबूरी में परिजन गंभीर रूप से घायल युवक को बाइक पर ही संभालकर करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। घायल के मौसेरे भाई मानिक सिंह गौंड ने एंबुलेंस सेवा न मिलने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने किया ग्वालियर रेफर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने युवक की स्थिति को अति संवेदनशील मानते हुए तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, हालत में सुधार न होने और गंभीर चोटों को देखते हुए उसे उच्च स्तरीय इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। फिलहाल युवक की हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना ने एक ओर जहां ग्रामीणों को बिना मुंडेर की छतों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर दूरदराज के गांवों में समय पर एंबुलेंस न पहुंचने की व्यवस्थागत कमी को भी उजागर कर दिया है।













