सतना, सजल कुमार रजक । मध्य प्रदेश के सतना नगर निगम में रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया है। लोकायुक्त पुलिस ने रविवार को बिरला हॉस्पिटल के सामने जाल बिछाकर नगर निगम के सुपरवाइजर बालकृष्ण आदिवासी को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सुपरवाइजर एक सफाई कर्मचारी से उसकी काटी गई हाजिरी को सही दर्ज करने और वेतन बनवाने के नाम पर अवैध राशि की मांग कर रहा था।


सत्यापन में खुली पोल: 1 हजार रुपये पहले ही ले चुका था आरोपी सुपरवाइजर

मामले का खुलासा तब हुआ जब महात्मा गांधी वार्ड निवासी और वार्ड 15 में पदस्थ सफाईकर्मी राजकिशोर समुंद्रे ने लोकायुक्त रीवा में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का आरोप था कि सितंबर महीने में 25 दिन मुस्तैदी से काम करने के बावजूद सुपरवाइजर बालकृष्ण आदिवासी ने मस्टर रोल में उसकी उपस्थिति कम दर्ज की थी। जब उसने हाजिरी सही करने का अनुरोध किया, तो आरोपी ने 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। लोकायुक्त द्वारा कराए गए शिकायत के गोपनीय सत्यापन में यह बात सामने आई कि आरोपी सुपरवाइजर सत्यापन के दौरान ही 1 हजार रुपये ऐंठ चुका था।


बिरला हॉस्पिटल के सामने लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई

रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विशेष ट्रैप टीम तैयार की गई। निर्धारित योजना के मुताबिक रविवार, 18 अक्टूबर को जैसे ही पीड़ित ने आरोपी बालकृष्ण को शेष 2 हजार रुपये की किश्त सौंपी, निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। रिश्वत की राशि बरामद करते हुए आरोपी के हाथों को धुलाया गया, जिससे रासायनिक रंग की पुष्टि हुई। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।