बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में नवरात्रि की खुशियों के बीच एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। बबेरू तहसील के मरका थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंडारन गांव में शुक्रवार देर रात देवी दर्शन कर घर लौट रहे दो सगे भाई-बहनों को एक जहरीले सांप ने डस लिया। अस्पताल पहुंचने तक जहर पूरे शरीर में फैल जाने के कारण दोनों बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। एक साथ घर के दो चिरागों के बुझ जाने से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और समूचे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंडारन गांव निवासी जयकरन की 15 वर्षीया पुत्री अनुपा और 13 वर्षीय पुत्र मोहित उर्फ चुन्नू शुक्रवार रात करीब 10 बजे घर से महज 200 मीटर दूर स्थित देवी पंडाल में दर्शन के लिए गए थे। लगभग दो घंटे बाद जब दोनों घर लौटे, तो अचानक उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी। शरीर में जहर का असर बढ़ने पर परिजन आनन-फानन में शनिवार सुबह करीब 4 बजे दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बबेरू लेकर पहुंचे। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने जांच के उपरांत दोनों को मृत घोषित कर दिया।


परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं पिता

दो मासूमों की असमय मौत की खबर मिलते ही मां राजरानी बेसुध हो गईं और घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि बच्चों के पिता जयकरन परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात के अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं। परिवार में तीन भाई और तीन बहनें थीं, जिनमें मृतक अनुपा और मोहित तीसरे स्थान पर थे। मृतका अनुपा गांव के ही स्व. भोला प्रसाद इंटर कॉलेज में कक्षा 9 की छात्रा थी, जबकि छोटा भाई मोहित कक्षा 6 में अध्ययनरत था। दोनों बच्चों की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।


पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलते ही मरका थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय बांदा भेज दिया है। थाना प्रभारी सूबेदार बिंद ने बताया कि परिजनों के बयान और प्रारंभिक जांच में मौत की वजह सर्पदंश (सांप का काटना) सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।


देवी दर्शन के पावन अवसर पर हुए इस अप्रत्याशित हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय आवागमन के दौरान सर्पदंश की घटनाएं अक्सर जानलेवा साबित होती हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और संबल प्रदान करने की मांग की है।