सागर, जीशान खान: सागर जिले में सरकारी निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार, समय-सीमा और गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने विभिन्न विभागों के डिपॉजिट वर्क्स और विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल काम प्रगति पर होने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। अनावश्यक देरी करने वाली निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
विभिन्न विभागों की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा
- आवासीय योजनाएं: हाउसिंग बोर्ड की धर्मश्री स्थित मंगल विहार आवासीय योजना के तहत 167 मकानों (एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी) का निर्माण कार्य जारी है। कलेक्टर ने इसमें तेजी लाकर कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
- खुरई रिडेंसिफिकेशन: इस योजना के अंतर्गत पशु चिकित्सालय, शासकीय आवास, तहसील एवं एसडीएम कार्यालय भवन, रेस्ट हाउस और पीडब्ल्यूडी कार्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही 300 गायों की क्षमता वाली हिनौता गौशाला, बस पिकअप स्टेशन, क्रिकेट ग्राउंड और गुलार रोड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी पूरा हो गया है।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: राहतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण फिनिशिंग चरण में है, जिसे दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का 42 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और इसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- स्वास्थ्य इकाइयां: ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के निर्माण कार्यों में देरी पर प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए हैं।
- शिक्षा संस्थान: शासकीय स्वशासी कन्या उत्कृष्टता महाविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, और शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया बुजुर्ग के निर्माण कार्यों को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया गया। सांदीपनि विद्यालय (गढ़ाकोटा) और शासकीय कन्या शिक्षा परिसर (केसली) के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
- आयुर्वेद महाविद्यालय: सागर स्थित आयुर्वेद महाविद्यालय के हॉस्टल, एडमिन और अस्पताल ब्लॉक के निर्माण कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- सेंट्रल जेल रिडेंसिफिकेशन: चितौरा में अत्याधुनिक जेल निर्माण के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) प्रस्तुत किए जाने की जानकारी दी गई है, जिस पर आगे की कार्रवाई जारी है।
सड़क और परिवहन परियोजनाओं की प्रगति
- प्रमुख मार्ग: सागर-छतरपुर-कबरई मार्ग और बेरखेड़ी-सुनई तथा बेरखेड़ी-गढ़ाकोटा (सागर लिंक रोड) के लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं।
- सुधारीकरण कार्य: सागर-लखनादौन मार्ग के सुधारीकरण, व्हीकुलर अंडरपास, मसूराई तोड़ा से जैसीनगर मार्ग, बीना-बम्होरी मार्ग, धर्मश्री-भोपाल बायपास और मकरोनिया-सिविल लाइन मार्ग पर व्हाइट टॉपिंग तथा पीजी रोड्स के नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा की गई।
- भूमि अधिग्रहण: कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चल रही परियोजनाओं से जुड़ी भूमि अधिग्रहण और अन्य विवादों का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि निर्माण कार्य बाधित न हों।
जवाबदेही और गुणवत्ता पर विशेष जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक परियोजना की जियो-टैग की गई तस्वीरों के साथ साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्माण स्थल की वास्तविक स्थिति का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सके। समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।











