छतरपुर, संतोष शिवहरे। जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के ग्राम घटरा में एक गर्भवती विवाहिता के साथ दहेज के लिए बेरहमी से मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा ₹5 लाख की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर पीड़िता को बेरहमी से पीटा गया और उसे गंभीर हालत में उसके मायके छोड़कर फरार हो गए। मामले को लेकर पीड़िता ने छतरपुर पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम घटरा निवासी खुशबू सिंह का विवाह नवंबर 2025 में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उरई (उत्तर प्रदेश) निवासी संदीप सिंह के साथ हुआ था। शादी में पीड़िता के पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार ₹5,00,000 नगद और गृहस्थी का पूरा सामान दिया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति संदीप सिंह, ससुर श्याम सुन्दर सिंह, सास सलिन्द्री सिंह, जेठ संजय सिंह और जेठानी जूली सिंह कम दहेज का ताना देकर पीड़िता को प्रताड़ित करने लगे और मायके से ₹5 लाख और लाने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई।
गर्भवती हालत में सिर और दांत पर किए वार
पीड़िता ने बताया कि वह वर्तमान में गर्भवती है। बीते 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 4-5 बजे ससुराल पक्ष के पांचों लोग एक चार पहिया वाहन से उसके मायके ग्राम घटरा पहुंचे। वहां उन्होंने फिर से ₹5 लाख की मांग की और पैसे न मिलने पर खुशबू के साथ लाठी-डंडों व लात-घूसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में पीड़िता के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और उसके दांत भी हिलने लगे हैं। मारपीट के बाद ससुराल वाले पीड़िता को लूल-लहान और मरणासन्न हालत में मायके के घर के बाहर छोड़कर भाग गए।
थाने में नहीं लिखी गई रिपोर्ट, अब SP से न्याय की उम्मीद
घटना के बाद पीड़िता अपने भाई और मां के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने गौरिहार थाना पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने यह कहकर रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया कि मामला उरई का है, इसलिए वहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएं। इसके बाद पीड़िता ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों (जिसके तहत दहेज प्रताड़ना की पीड़िता कहीं भी रिपोर्ट दर्ज करा सकती है) का हवाला देते हुए पुलिस अधीक्षक छतरपुर को आवेदन दिया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपने समुचित इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की है।












