श्रीलंका, रोहित पाठक । श्रीलंका प्रवास पर पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर समस्त भारत और विश्ववासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी, श्रीलंका सरकार के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक भी उनके साथ योग कार्यक्रम में शामिल हुए।
अपने संबोधन में बागेश्वर सरकार ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने की एक दिव्य व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ जुड़ाव है, जो व्यक्ति को मानवता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ता है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व बंधुत्व और वैश्विक सद्भावना की भावना योग के माध्यम से ही सशक्त होती है। योग व्यक्ति के विचारों को व्यापक बनाता है और उसे विश्व कल्याण की दिशा में प्रेरित करता है।
बागेश्वर सरकार ने ब्रह्मांड के रचयिता से संपूर्ण विश्व के निरोग एवं सुखी रहने की प्रार्थना की। उन्होंने सभी लोगों से नियमित योग अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रातःकाल सूर्य देव के दर्शन और उनकी किरणों का स्पर्श शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। “तन अच्छा तो मन अच्छा, मन अच्छा तो जीवन अच्छा” का संदेश देते हुए उन्होंने योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।




