वडोदरा। नवरात्र के पहले दिन वडोदरा के ऐतिहासिक लक्ष्मी विलास पैलेस में आयोजित भव्य गरबा उत्सव में वैश्विक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। इस विशेष आयोजन में 30 देशों के लगभग 160 विदेशी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर गरबा की थाप पर जमकर नृत्य किया।इस अवसर पर वडोदरा की महारानी राधिका राजे गायकवाड़, वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी और वडोदरा म्युनिसिपल कमिश्नर अरुण महेश बाबू विशेष रूप से मौजूद रहे। विदेशी मेहमानों के साथ उन्होंने भी मां की आराधना में गरबा किया।
महारानी राधिका राजे गायकवाड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा, "इतने देशों से प्रतिनिधि आए हैं और उन्होंने हमारे गरबा में भाग लिया है। वे हमारे वडोदरा की संस्कृति की झलक और यादें अपने साथ ले जा रहे हैं। यह सब मां की कृपा है।"
उन्होंने आगे कहा कि विदेशी प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने कभी इतने सारे लोगों को एक साथ, एक जगह पर इतने प्रेम और श्रद्धा के साथ नाचते हुए नहीं देखा। उनके लिए यह एक अनोखा और अविस्मरणीय अनुभव रहा। महारानी ने कहा कि हमारी संस्कृति को विदेशों तक ले जाने का यह एक बेहतरीन माध्यम है और इसका माध्यम स्वयं मां है।
कार्यक्रम में शामिल एक विदेशी प्रतिनिधि ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "यह एक शानदार अवसर है कि कैसे इतने सारे लोग एक साथ एकत्र होकर नृत्य कर सकते हैं, मौज-मस्ती कर सकते हैं। मुझे यकीन है कि मैं इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी और खूबसूरत यादों में से एक के तौर पर अपने साथ ले जाऊंगा।"
एक अन्य महिला प्रतिनिधि ने उत्साह के साथ कहा, "इसे देखिए, मेरे जीवन के सबसे खुशी के दिनों में से एक है।"
सभी विदेशी मेहमान पहली बार गरबा का अनुभव कर काफी खुश और उत्साहित नजर आए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, एकजुटता और प्रेम भावना की दिल खोलकर प्रशंसा की। उनका कहना था कि जिस तरह सभी लोग प्यार और भक्ति के साथ एक लय में नाच रहे हैं, वह एक अनोखा सांस्कृतिक अनुभव है जिसे वे अपने देश ले जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान सभी विदेशी प्रतिनिधियों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर पहले दीयों की थाली से मां की आरती की और फिर मैदान में स्थानीय लोगों के साथ गरबा किया। ढोल की थाप और रोशनी से जगमगाता पैलेस का प्रांगण पूरी रात भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा रहा।














