भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। बंगाल की खाड़ी और आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) तथा मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) के असर से राज्य के जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 18 जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल स्थित मौसम केंद्र ने आगामी तीन दिनों के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ इलाकों में 4 इंच (100 मिमी) या इससे अधिक बारिश हो सकती है।
इन 18 जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के निम्नलिखित जिलों में अति भारी से भारी वर्षा हो सकती है:
- जबलपुर संभाग: जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, नरसिंहपुर, कटनी।
- शहडोल संभाग: अनूपपुर, शहडोल, उमरिया।
- रीवा संभाग: रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली।
- अन्य जिले: सागर, पन्ना, रायसेन और नर्मदापुरम।
भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में भी बदला मौसम
राजधानी भोपाल सहित ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में शनिवार शाम से ही रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह सिलसिला 18 अगस्त तक बना रह सकता है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा, छिंदवाड़ा, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और गुना समेत शेष अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।
प्रदेश में अब तक बारिश का गणित
चालू मानसून सीजन में राज्य में अब तक औसत 21.4 इंच (544.4 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य औसत बारिश (24.4 इंच या 618.8 मिमी) की तुलना में लगभग 3 इंच यानी 12 प्रतिशत कम है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश: सामान्य से 18% कम बारिश हुई है।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: सामान्य से 6% कम बारिश दर्ज की गई है।
- कम बारिश वाले जिले: राज्य के 43 जिलों में सामान्य से 1% से लेकर 54% तक कम पानी गिरा है।
केवल 12 जिलों (भोपाल, गुना, ग्वालियर, सीहोर, राजगढ़, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और अनूपपुर) में ही अब तक सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में निचले इलाकों में जलभराव और नदियों-नालों के उफान पर रहने की आशंका जताई है। नागरिकों से बहते पानी और रपटों को पार न करने की अपील की गई है।




