छतरपुर, संजय अवस्थी। जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 39 (फोरलेन) पर इन दिनों आवारा मवेशियों का जमावड़ा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। हाईवे की मुख्य सड़कों और डिवाइडरों के बीच मवेशियों के झुंड बैठे रहने से आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी की ओर से नियमित पेट्रोलिंग न होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों में हर समय हादसे का डर बना रहता है।

जिले में फोरलेन पर मवेशियों को हटाने और हाईवे को सुरक्षित बनाने को लेकर कलेक्टर द्वारा पूर्व में सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी और स्थानीय प्रशासनिक अमले की उदासीनता के चलते हाईवे पर मवेशियों का डेरा जस का तस बना हुआ है। न तो रात के समय गश्त की जा रही है और न ही हाईवे से मवेशियों को हटाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था बनाई गई है।

ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, छतरपुर से पन्ना जाने वाले फोरलेन मार्ग पर हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। इस हिस्से में दर्जनों मवेशी झुंड बनाकर सड़क के बीचों-बीच बैठे रहते हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों को सड़क पर बैठे काले रंग के मवेशी दूर से दिखाई नहीं देते, जिसके चलते अचानक ब्रेक लगाने या असंतुलित होने से गाड़ियां टकरा जाती हैं।

बीते कुछ दिनों में इस फोरलेन पर मवेशियों से टकराने के कारण कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई वाहन चालक घायल हुए हैं और वाहनों को भारी नुकसान पहुँचा है। वहीं कई बेसहारा मवेशी भी तेज रफ्तार गाड़ियों की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर 24 घंटे पेट्रोलिंग शुरू कराई जाए और मवेशियों को तुरंत पकड़कर नजदीकी गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया जाए ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।