उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। घट्टिया थाना क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर के पास एक खेत में बने तालाब (पानी से भरे गड्ढे) में डूबे दोनों नाबालिग छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं। 15 वर्षीय छात्र प्रज्ञान विमल का शव मंगलवार सुबह पानी की सतह पर उतराता हुआ मिला था, जिसके बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घटना के करीब 21 घंटे बाद राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम ने दूसरे छात्र, 14 वर्षीय रोशन बरेठा का शव भी पानी से बाहर निकाल लिया। दोनों छात्रों के शवों को फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया गया है, जहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।


हॉस्टल से अचानक लापता हुए थे छात्र

इस दर्दनाक हादसे की शुरुआत सोमवार देर शाम को हुई थी, जब रोशन और प्रज्ञान अचानक अपने हॉस्टल के कमरों से गायब हो गए। रात के समय जब दोनों छात्र अपने बिस्तरों पर नहीं मिले, तो हॉस्टल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। विद्यालय प्रशासन ने तुरंत स्थानीय घट्टिया थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी करण खोवाल और उपनिरीक्षक प्रवेश जाटव पुलिस बल के साथ देर रात ही नवोदय विद्यालय परिसर पहुंचे। पुलिस ने रात में ही स्कूल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और हॉस्टल में उनके साथ रहने वाले अन्य छात्रों से गहन पूछताछ की, लेकिन देर रात तक दोनों का कहीं कोई सुराग नहीं लग सका था। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने स्कूल की बाउंड्री से लगे तालाब में एक शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उसे बाहर निकाला। मृतक की पहचान कक्षा 10वीं के छात्र प्रज्ञान के रूप में हुई, जबकि कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले रोशन की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा गया था।


तीन बहनों का इकलौता भाई था प्रज्ञान

इस हादसे ने प्रज्ञान के परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। प्रज्ञान अपनी तीन बहनों का इकलौता भाई था और उसके सिर से माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, पिता के असमय निधन के बाद प्रज्ञान की बड़ी बहन को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। प्रज्ञान अपनी इसी बड़ी बहन के साथ रहकर उज्जैन के नवोदय विद्यालय में अपनी आगे की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन इस दुखद घटना ने पूरे परिवार का चिराग बुझा दिया।


लापरवाही को लेकर विद्यालय प्रबंधन पर खड़े हुए सवाल

इस हृदयविदारक घटना के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित और पूर्णतः आवासीय (रेजिडेंशियल) परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और रोते-बिलखते परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के सीधे आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि एक सुरक्षित बाउंड्री वॉल वाले आवासीय परिसर से दो नाबालिग छात्र देर रात हॉस्टल से बाहर कैसे निकल गए और जिम्मेदार लोगों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल में रात्रिकालीन उपस्थिति (नाइट रोल कॉल), वार्डन की निगरानी और मेन गेट व बाउंड्री की सुरक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ी चूक हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद यदि स्कूल प्रबंधन या किसी भी कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।