सागर, जीशान खान। रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रम के दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय स्टाफ के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। छह छात्रों समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पटवारी ने सोशल मीडिया पर छात्र का वीडियो साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सवाल पूछने और अपनी बात रखने का अधिकार है। वहीं विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विनोद कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि मामला केवल सवाल पूछने तक सीमित नहीं था, बल्कि कथित अभद्रता, गाली-गलौज और हंगामे से जुड़ा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 17 सितंबर को उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर सुशासन से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान कुछ छात्रों और विश्वविद्यालय स्टाफ के बीच विवाद हुआ। कुलगुरु का दावा है कि करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा हुआ और पूरी घटना विश्वविद्यालय परिसर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड है। पुलिस को शिकायत इसी घटनाक्रम और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर दिए जाने की बात कही गई है।
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वहीं कांग्रेस की ओर से जारी वीडियो में एक छात्र कार्यक्रम में विद्यार्थियों की मौजूदगी को लेकर सवाल करता नजर आ रहा है। छात्र पूछता है कि कक्षाओं के विद्यार्थियों को कार्यक्रम में क्यों बैठाया गया और उन्हें कक्षा के बजाय कार्यक्रम में क्यों बुलाया गया। इसी वीडियो के आधार पर पटवारी ने FIR को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सिविल लाइन थाने में दर्ज FIR में अंशुल शर्मा, शिवम गुप्ता, छोटू यादव, प्रसून पटेल, प्रांसुल सोनी समेत अन्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और प्रोफेसर व स्टाफ से अभद्रता से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि CCTV फुटेज में पूरे घटनाक्रम की जांच से विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अब पुलिस जांच में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेज अहम साक्ष्य होंगे। फिलहाल मामला छात्रों के सवाल पूछने के अधिकार और विश्वविद्यालय में अनुशासन के बीच बहस का केंद्र बन गया है।











