सोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौर में प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ली के अनुसार शांति केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन से भी जुड़ा मसला है।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति ली ने विदेश, एकीकरण और रक्षा मंत्रालयों से नीतिगत ब्रीफिंग लेने से पहले कहा, "दुनिया इस समय बड़े बदलाव और उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया पहले भी शांति भंग होने के दुष्परिणाम देख चुका है, इसलिए शांति के महत्व को जितना भी रेखांकित किया जाए, वह कम है।
उन्होंने कहा, "शांति ही भोजन है, शांति ही अर्थव्यवस्था है।" राष्ट्रपति के अनुसार, प्रायद्वीप में स्थिरता बनाए रखने से आर्थिक गतिविधियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है।
ली ने इस बात पर भी खेद जताया कि दक्षिण कोरिया में सुरक्षा और कूटनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे राजनीतिक दलों के बीच टकराव का विषय बन गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शोर मचाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए ठोस परिणाम देने पर ध्यान देगी।
राष्ट्रपति ने एकीकरण मंत्रालय को निर्देश दिया कि उत्तर कोरिया की ओर से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के बावजूद शांति और सह-अस्तित्व की नीति जारी रखी जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय तक टकराव और संवादहीनता के बाद संबंधों में सुधार आसान नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद संवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में प्रयास जारी रहने चाहिए।
ली अर्थव्यवस्था को दुरुस्त बनाने को लेकर भी काफी फिक्रमंद हैं। योनहाप के अनुसार, देश में रियल एस्टेट मार्केट को लेकर राष्ट्रपति ली जे म्युंग शुक्रवार को अहम फैसला ले सकते हैं। राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा, इस हफ्ते रियल एस्टेट मार्केट की पॉलिसी का रिव्यू करने के लिए एक बंद कमरे में बैठक करेंगे। इसका मकसद हाउसिंग सप्लाई को बढ़ाना और आसमान छूती आवासीय कीमतों को कंट्रोल करना है। ली ने इस बैठक का निर्देश सोमवार को ही जारी कर दिया था।




