गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को घोषणा की कि भाजपा विधायक डॉ. हब्बे टेरोन असम विधानसभा के डिप्टी स्पीकर पद के लिए सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवार होंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि अमरी (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र से विधायक डॉ. टेरोन को इस संवैधानिक पद के लिए नामित किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि वे विधायी प्रक्रिया में आदिवासी समुदायों की आवाज को मजबूत करेंगे।

सीएम सरमा ने बताया कि डॉ. टेरोन पेशे से एक मेडिकल प्रोफेशनल हैं और हाल ही में बने अमरी विधानसभा क्षेत्र से चुने गए पहले प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि यह विधायक असम के आदिवासी समुदायों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और राज्य विधानसभा में पहाड़ी जिलों के प्रतिनिधित्व को और बढ़ाएंगे।

सीएम सरमा ने कहा कि पेशे से मेडिकल प्रोफेशनल और हाल ही में बने अमरी निर्वाचन क्षेत्र से पहले निर्वाचित प्रतिनिधि, डॉ. टेरोन, हमारे आदिवासी समुदायों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और विधायी प्रक्रिया में कार्बी आंगलोंग और दिमा हसाओ की आवाज को और मजबूत करेंगे।"

मुख्यमंत्री ने डिप्टी स्पीकर पद के लिए होने वाले आगामी चुनाव के लिए विधायक को शुभकामनाएं भी दीं।

इसी बीच, डॉ. हब्बे टेरोन ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए उपाध्यक्ष पद के लिए अपने नामांकन पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने डिप्टी स्पीकर पद के लिए एनडीए की ओर से मुझे नामित किया। मैं अपने स्तर पर पूरे समर्पण और बेहतर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करूंगा। मुझे खुद पर और अपने लोगों पर गर्व है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को मिलने पर मैं बेहद खुश और आभारी हूं। मैं पूरी निष्ठा, लगन और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करूंगा तथा संविधान के प्रावधानों के अनुसार काम करने की पूरी कोशिश करूंगा। यह एक सकारात्मक संदेश है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार सभी वर्गों और समुदायों के लिए काम कर रही है।

डॉ. टेरोन की उम्मीदवारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे आदिवासी-बहुल पहाड़ी क्षेत्र से आते हैं और हाल ही में बनाए गए अमरी (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके इस पद पर आने को विधानसभा के कामकाज में मूल निवासी और आदिवासी समुदायों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के पास आरामदायक बहुमत है, इसलिए डॉ. टेरोन का इस पद पर चुना जाना महज एक औपचारिकता मानी जा रही है।