छतरपुर, रोहित पाठक। जिले के ग्राम बरकोहा से बागेश्वर धाम तक निकली भव्य पैदल यात्रा देर रात धार्मिक आस्था और भक्ति के उल्लास के बीच बागेश्वर धाम पहुंची। यात्रा में हजारों की संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


ग्राम बरकोहा के सरपंच एवं बागेश्वर परिवार के सदस्य प्रीतम यादव के नेतृत्व में आयोजित इस पैदल यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल हुए। श्रद्धालुओं का जत्था विभिन्न गांवों से होते हुए बागेश्वर धाम की ओर रवाना हुआ। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनकी सेवा में जलपान एवं अन्य व्यवस्थाएं कीं।


डीजे की धुन पर झूमते नजर आए श्रद्धालु


पैदल यात्रा के दौरान भगवान शिव के भजनों और धार्मिक गीतों से पूरा मार्ग गूंजता रहा। डीजे की धुन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़े। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज और धार्मिक प्रतीक लेकर यात्रा में शामिल हुए।


यात्रा में भगवान शिव और माता पार्वती की आकर्षक एवं मनमोहक झांकी भी शामिल रही, जो श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। झांकी के दर्शन के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुटती रही।


जगह-जगह हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत


बरकोहा से बागेश्वर धाम के बीच यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले गांवों में स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के लिए पानी, शीतल पेय और जलपान की व्यवस्था की। वहीं, कई जगह पुष्पवर्षा कर पैदल यात्रा में शामिल भक्तों का अभिनंदन किया गया।


श्रद्धालुओं के स्वागत के दौरान पूरा माहौल धार्मिक उत्साह से भर गया। ग्रामीणों और यात्रा में शामिल भक्तों ने भगवान शिव के जयकारे लगाए और भक्ति गीतों पर जमकर उत्साह व्यक्त किया।


देर रात बागेश्वर धाम पहुंची यात्रा


लंबी दूरी तय करने के बाद पैदल यात्रा देर रात बागेश्वर धाम पहुंची। यहां पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने सरपंच प्रीतम यादव के साथ बागेश्वर बालाजी के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी यात्रा पूर्ण की।


बागेश्वर धाम पहुंचते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। यात्रा में शामिल भक्तों ने बालाजी महाराज के दरबार में शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।


आस्था और भक्ति का बना भव्य उत्सव


बरकोहा से बागेश्वर धाम तक निकली यह पैदल यात्रा केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था, भक्ति और सामाजिक एकजुटता का भव्य स्वरूप बनकर सामने आई। हजारों शिवभक्तों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा में हिस्सा लिया।


यात्रा के दौरान हर-हर महादेव के जयकारों, भजनों, झांकियों और श्रद्धालुओं के उत्साह ने पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। देर रात बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद बालाजी महाराज के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान बरकोहा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।