धार। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर धार में बहुचर्चित भोजशाला विवाद को लेकर मंगलवार को 'सकल हिंदू समाज' और विभिन्न हिंदू संगठनों के आह्वान पर आधे दिन का बंद रखा गया। इस दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे, जबकि आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी ​सचिन शर्मा के निर्देशन में संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।


सुबह बाइक रैली से बंद की अपील, आवश्यक सेवाएं रहीं अप्रभावित

सकल हिंदू समाज के आह्वान पर मंगलवार सुबह हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर में मोटरसाइकिल रैली निकाली और व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखकर समर्थन देने की अपील की। बंद के चलते शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थान पूरी तरह खुले रहे। सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (CSP) शशांक सिंह गुर्जर ने बताया कि पूरे शहर में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में रही तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।


लालबाग से कलेक्ट्रेट तक विरोध रैली, गेट पर सौंपा ज्ञापन

दोपहर के समय हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लालबाग से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल विरोध रैली निकाली। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोक दिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्य गेट पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया।


नमाज के स्थान को लेकर विवाद, सर्वे नंबर 612 पर जताई आपत्ति

हिंदू संगठनों का आरोप है कि जिला प्रशासन विवादित भोजशाला परिसर के निकट शुक्रवार की नमाज के इंतजामात को लेकर न्यायालय के निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं कर रहा है। संगठनों का कहना है कि प्रशासन द्वारा सर्वे नंबर 612 पर नमाज की सुविधा दी जा रही है, जिससे भोजशाला स्थल तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती है और हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज 1987 से इस मुद्दे को उठा रहा है और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त करते रहेंगे।


प्रशासन का पक्ष: न्यायिक प्रक्रिया और कोर्ट के आदेशानुसार होगी कार्रवाई

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भोजशाला से जुड़ा पूरा प्रकरण वर्तमान में न्यायालय के विचाराधीन है। सर्वे नंबर 596 और 612 से संबंधित विवाद और कोर्ट के निर्देशों के क्रियान्वयन को लेकर उन्होंने कहा कि निर्देशों के अनुपालन के विभिन्न वैधानिक विकल्प हो सकते हैं और जिला प्रशासन पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया व नियमों के अनुरूप ही कार्य करेगा।