जयपुर। दिल्ली और बेंगलुरु समेत देश के विभिन्न हिस्सों में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान सरकार सतर्क हो गई है। राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को बरसात के मौसम में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक में मंत्री ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टायफस और स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की।

खींवसर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की जाएं। उन्होंने सभी संयुक्त निदेशकों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और सक्रिय रणनीति अपनाने को कहा।

बैठक के दौरान मंत्री ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों, जांच सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की।

संभागवार चर्चा के दौरान उन्होंने स्वाइन फ्लू की गहन निगरानी पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि जांच और उपचार सेवाएं हर समय उपलब्ध रहें।

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी फर्स्ट रेफरल यूनिट और ट्रॉमा सेंटरों में आवश्यक तीन डॉक्टरों की टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जरूरी जांच सुविधाएं, दवाएं और चिकित्सा उपकरण पूरी तरह कार्यशील स्थिति में होने चाहिए।

खींवसर ने बताया कि अधिकांश उन्नत चिकित्सा संस्थानों में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा पहले से उपलब्ध है। जिन संस्थानों में ये सुविधाएं नहीं हैं, वहां पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती मरीजों की संख्या के अनुसार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक पद पर एक से अधिक व्यक्ति तैनात नहीं होने चाहिए।

संयुक्त निदेशकों को ऐसे संस्थानों की रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है, जहां स्टाफिंग मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

बैठक में जैसलमेर जिले में आयोजित होने वाले रामदेवरा मेले के लिए भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को सीएमएचओ द्वारा मांगे गए स्टाफ और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने सेतु ऐप, टीबी मुक्त भारत अभियान, एचपीवी टीकाकरण, अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पीसीटीएस डिलीवरी वॉच कार्यक्रम और आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन सहित कई कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में एनएचएम अतिरिक्त मिशन निदेशक टी शुभमंगला, आरसीएच निदेशक मधु रतेश्वर, अस्पताल प्रशासन के अतिरिक्त निदेशक नरोत्तम शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।