छतरपुर। जनसुनवाई में अधिकारियों की लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर मृणाल मीना ने जिला परियोजना समन्वयक (DPC) अरुण शंकर पाण्डेय के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनका एक दिन का वेतन राजसात करने का आदेश जारी किया है।

कार्यालय कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 25 अगस्त को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिला परियोजना समन्वयक अरुण शंकर पाण्डेय बिना किसी सूचना या अनुमति के नदारद रहे। अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण जनसुनवाई में आए आवेदकों के शिक्षा व संबंधित परियोजना से जुड़े आवेदनों पर समय पर समुचित कार्रवाई नहीं हो सकी।

कलेक्टर मृणाल मीना ने इस कृत्य को शासकीय कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता और लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन राजसात (कटौती) करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई से कलेक्ट्रेट के अन्य विभागों और गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन की समस्याओं के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।