बेंगलुरु। चर्चित रेणुकास्वामी मर्डर केस में एक अहम घटनाक्रम के तहत, बेंगलुरु की एक ट्रायल कोर्ट ने मंगलवार को मामले के 14वें आरोपी प्रदोष एस. राव को सरकारी गवाह बनने और अपराध से जुड़ी घटनाओं की जानकारी देने की इजाजत दे दी।प्रदोष राव ने इस मामले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अनुमति के लिए एक अर्जी दायर की थी। इस मामले में एक्टर दर्शन और उनकी पार्टनर पवित्रा गौड़ा भी आरोपी हैं।

उनकी अर्जी को मंजूरी देते हुए, जज सुजाता मदिवालप्पा संभ्रानी ने कुछ शर्तों के साथ प्रदोष राव को सरकारी गवाह बनने की अनुमति देने का आदेश दिया।

शर्तों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक प्रदोष राव को न्यायिक हिरासत में रहना होगा। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर वह शर्तों का उल्लंघन करते हैं या झूठी गवाही देते हैं, तो उन पर झूठी गवाही का मामला दर्ज किया जा सकता है, उनका सरकारी गवाह का दर्जा खत्म हो सकता है और उन्हें फिर से मामले में आरोपी बनाया जा सकता है।

कोर्ट ने प्रदोष राव को मामले से जुड़ी अपनी जानकारी के सभी सच बताने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर वह जरूरी तथ्य छिपाते हैं या सच बताने में नाकाम रहते हैं, तो सरकारी गवाह का दर्जा वापस लिया जा सकता है और उन्हें आरोपी माना जा सकता है।

कोर्ट के आदेश की एक कॉपी जेल अधिकारियों के जरिए प्रदोष को भेज दी गई है।

प्रदोष राव ने पहले कोर्ट को बताया था कि उन्होंने अपनी मर्जी से सरकारी गवाह बनने का फैसला किया है और वह किसी के प्रभाव, दबाव या जबरदस्ती में ऐसा नहीं कर रहे हैं।

प्रदोष राव ने अगस्त के पहले सप्ताह में अपने वकील के जरिए कोर्ट में अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि वह मामले से जुड़े सभी तथ्य बताने के लिए तैयार हैं और सरकारी गवाह बनकर कोर्ट से माफी चाहते हैं।

यह घटनाक्रम अहम है क्योंकि उनके खुलासों का चल रहे ट्रायल पर असर पड़ेगा।

यह मामला रेणुकास्वामी की कथित हत्या से जुड़ा है, जिनकी लाश जून 2024 में बेंगलुरु में मिली थी।

रेणुकास्वामी हत्याकांड ने तब से लोगों का काफी ध्यान खींचा है, जब कन्नड़ एक्टर दर्शन और उनकी पार्टनर पवित्रा गौड़ा समेत 16 लोगों को चित्रदुर्ग के 33 वर्षीय फैन के कथित अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई।