छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में अपनी आधुनिक बसाहट और जनसुविधाओं के लिए विख्यात पेप्टेक टाउन अब आस्था और सामाजिक समरसता के एक नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। पेप्टेक ग्रुप के डायरेक्टर नीरज चौरसिया ने पूर्व में धार्मिक सरोकारों का परिचय देते हुए पेप्टेक टाउन परिसर में भव्य जैन मंदिर निर्माण हेतु 4004 वर्ग फीट की बेशकीमती भूमि जैन समाज को दान पत्र के माध्यम से समर्पित कर दी थी। इसी क्रम में अब जैन समाज द्वारा उस भूमि पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य पूर्ण कर मंदिर का आधिकारिक बोर्ड लगा दिया गया है, जिससे पूरे अंचल के जैन समाज में अपार हर्ष और उत्साह का माहौल है।
पेप्टेक टाउन में प्राप्त हुई 4004 वर्ग फीट भूमि का पूर्ण आधिपत्य लेने के बाद जैन समाज ने वहां सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से बाउंड्रीवॉल का निर्माण पूरा कराया और मंदिर निर्माण का बोर्ड स्थापित कर दिया। इस अवसर पर जैन समाज छतरपुर के अध्यक्ष अरुण कुमार जैन, उपाध्यक्ष अजय कुमार, प्रमोद सेठ, महामंत्री अजीत जैन और वरिष्ठ समाजसेवी प्रकाश चंद्र जैन सहित समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समाज के पदाधिकारियों ने स्थल का अवलोकन कर आगामी निर्माण कार्यों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया।
इस मौके पर जैन समाज छतरपुर के अध्यक्ष अरुण कुमार जैन ने पेप्टेक ग्रुप और डायरेक्टर नीरज चौरसिया के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा पेप्टेक टाउन के डायरेक्टर नीरज चौरसिया ने जैन समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर निर्माण हेतु 4004 वर्ग फुट जमीन पूर्व में ही दान पत्र के माध्यम से हमें सौंप दी थी। उनके इस अनुकरणीय सहयोग के लिए पूरा समाज उनका आभारी है। अब समाज ने उस भूमि को सुरक्षित करते हुए बाउंड्रीवॉल बनवा दी है और मंदिर का बोर्ड भी लगा दिया है। अब यहाँ सर्व समाज के सहयोग से एक भव्य और दिव्य जैन मंदिर का निर्माण कराया जाएगा, जो धर्म प्रभावना और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनेगा। मंदिर निर्माण के इस पुनीत कार्य में सभी समाजों का स्वागत और सहयोग रहेगा।
उल्लेखनीय है कि छतरपुर के आधुनिक विकास के पर्याय बन चुके पेप्टेक ग्रुप और डायरेक्टर नीरज चौरसिया की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर ही विकसित नहीं कर रहे, बल्कि समाज के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए भी पूरी निष्ठा से समर्पित हैं। पेप्टेक टाउन में बनने जा रहा यह भव्य जैन मंदिर आने वाले समय में धार्मिक सद्भाव और आस्था का अनुपम प्रतीक बनेगा।

















