बुडापेस्ट, 25 नवंबर (हि.स.)। हंगरी के आधुनिक पेंटाथलॉन खिलाड़ी गाबोर बेनेडेेक (98) अब दुनिया के सबसे अधिक आयु वाले जीवित ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बन गए हैं। यह जानकारी सोमवार को हंगेरियन समाचार एजेंसी एमटीआई ने दी। यह उपलब्धि तब दर्ज हुई जब पूर्व सोवियत संघ के फुटबॉल खिलाड़ी निकीता सिमोनयान का 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
सिमोनयान, जो आर्मेनियाई मूल के थे, ने 1956 मेलबर्न ओलंपिक में सोवियत टीम के साथ स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 12 अक्टूबर को अपना 99वां जन्मदिन मनाया था।
सिमोनयान के निधन के बाद अब बेनेडेेक सबसे उम्रदराज़ जीवित ओलंपिक स्वर्ण विजेता हैं। 23 मार्च 1927 को तिसाफ्यूरेड में जन्मे बेनेडेेक ने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में टीम स्वर्ण और व्यक्तिगत रजत पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत और टीम दोनों श्रेणियों में विश्व चैम्पियनशिप खिताब भी अपने नाम किए।
बेनेडेेक 1970 से जर्मनी के बॉन शहर के पास रह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हंगरी की पांच बार की ओलंपिक जिम्नास्टिक्स चैंपियन एग्नेस केलेटी, जिनका इस वर्ष 2 जनवरी को 104वें जन्मदिन से ठीक पहले निधन हो गया था, अब भी सर्वकालिक सबसे अधिक आयु वाली ओलंपिक चैंपियन बनी हुई हैं।
दुनिया के सबसे अधिक आयु वाले जीवित ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बने हंगरी के बेनेडेेक

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Anubhav Mishra
14 जुलाई 2026, 02:37 pm IST
Anubhav Mishra14 जुलाई 2026, 02:37 pm IST



