ढाका। बांग्लादेश दो गंभीर संक्रामक बीमारियों से जूझ रहा है। 652 बच्चे जहां खसरे या उससे मिलते-जुलते लक्षणों की वजह से जान गंवा चुके हैं वहीं डेंगू के भी 135 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं। इस तरह बांग्लादेश में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है, जहां डेंगू और खसरा दोनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा दबाव बना दिया है।अंग्रेजी दैनिक ढाका ट्रिब्यून ने स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि, पिछले 24 घंटों में डेंगू के 135 नए मामले दर्ज किए गए हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के प्रवक्ता ने दी। नए मामलों में सबसे अधिक 37 मरीज बरिशाल डिवीजन में पाए गए, जबकि चट्टोग्राम में 10, ढाका डिवीजन में 14, ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन में 2, ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन में 15, खुलना में 35, मयमनसिंह में 8, राजशाही में 11 और सिलहट में 3 मामले दर्ज किए गए।

इस साल अब तक डेंगू से 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुल 4,201 लोग संक्रमित हुए हैं। तुलना के लिए, पिछले साल 413 मौतें और 1,02,861 संक्रमण दर्ज किए गए थे, जबकि 2024 में 575 मौतें और 1,01,214 संक्रमण सामने आए थे।

इसी बीच, देश में खसरे का प्रकोप भी गंभीर बना हुआ है। बांग्लादेशी समाचार एजेंसी यूएनबी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में चार और बच्चों की मौत दर्ज की गई, जिससे खसरे से जुड़ी कुल संदिग्ध और पुष्टि की गई मौतों की संख्या 652 तक पहुंच गई है।

डीजीएचएस के अनुसार, अब तक संदिग्ध खसरा मृतकों की संख्या 560 और 92 की खसरे से मौत की पुष्टि की गई है। केवल 24 घंटों में (शनिवार से रविवार सुबह 8 बजे तक) 1,052 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संख्या 85,951 तक पहुंच गई है, जबकि 75 नए पुष्टि किए गए मामलों के साथ कुल संख्या 10,323 हो गई है।

15 मार्च से अब तक 70,579 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं, जिनमें से 66,841 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।

बांग्लादेश में डेंगू और खसरे दोनों के मामलों में बढ़ोतरी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।