छतरपुर, संतोष शिवहरे। मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला शाखा छतरपुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम छतरपुर कलेक्टर को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर पटवारियों की पदोन्नति में आ रही विसंगतियों को दूर करने तथा स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के तहत निष्पादक दायित्व से तत्काल मुक्त करने की मांग की है। संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अरविंद पटेल, जिलाध्यक्ष रामकुमार अवस्थी और जिला सचिव देवराज अहिरवार के नेतृत्व में इन ज्ञापनों में मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
पटवारी संघ द्वारा पदोन्नति के संबंध में दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राजस्व विभाग द्वारा पटवारी संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया में 50 वर्ष की आयु सीमा का प्रावधान लागू किया गया है। इसके कारण प्रदेश भर में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे कई पात्र व वरिष्ठ पटवारी पदोन्नति के अवसर से वंचित हो रहे हैं। संघ ने मांग की है कि अन्य शासकीय सेवकों की भांति पटवारियों को भी उनकी वरिष्ठता, पात्रता और सेवा अवधि के आधार पर सेवानिवृत्ति तक पदोन्नति का समान अवसर प्रदान किया जाए और इस विसंगतिपूर्ण आयु सीमा को तत्काल समाप्त किया जाए।
वहीं दूसरे ज्ञापन में संघ ने स्वामित्व योजना के निष्पादन और पंजीयन कार्य में पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने का कड़ा विरोध जताया है। पटवारी संघ का कहना है कि मानक संचालन प्रक्रिया और सरकारी परिपत्रों में विसंगतियां हैं। ग्रामीण आबादी में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत पहचान का सीधा रिकॉर्ड पटवारी के पास न होकर ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव के पास होता है। ऐसे में पटवारी को निष्पादक बनाना विधिक और प्रशासनिक दृष्टि से जोखिम भरा है, जिससे भविष्य में बेवजह विवाद और जांच की स्थिति बन सकती है। संघ ने मांग की है कि पटवारियों को इस निष्पादक दायित्व से तत्काल अलग कर सक्षम प्राधिकारी या संबंधित विभाग के स्तर पर ही अंतिम निर्णय व निष्पादन का कार्य तय किया जाए।











