भोपाल। मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। प्रदेश में ₹80,126 करोड़ की लागत से 7 नए फोरलेन, एक्सप्रेस-वे और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इस संबंध में बीते शुक्रवार को मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के प्रबंध संचालक (MD) भरत यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। केंद्रीय मंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को हर संभव मदद और स्वीकृति का भरोसा दिया है।


1. इन प्रमुख शहरों के बीच बनेंगे 7 फोरलेन व ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे

डीपीआर (DPR) स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहीं ये सभी परियोजनाएं बीओटी (Build-Operate-Transfer) मॉडल पर आधारित होंगी। इनके निर्माण से शहरों के बीच की दूरी और यात्रा का समय काफी घट जाएगा:

  • भोपाल से ग्वालियर एक्सप्रेस-वे / फोरलेन
  • भोपाल से जबलपुर फोरलेन
  • सागर से जबलपुर फोरलेन
  • कटनी से सिंगरौली ग्रीनफील्ड मार्ग
  • भोपाल से मंदसौर फोरलेन
  • सागर से सतना फोरलेन


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2. ₹43,000 करोड़ से 940 किमी टू-लेन सड़कें होंगी फोरलेन

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सहयोग से प्रदेश में पहले से स्वीकृत ₹43,000 करोड़ की योजना के तहत सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा: प्रदेश की करीब 940 किलोमीटर लंबी टू-लेन (2-Lane) सड़कों को फोरलेन (4-Lane) में अपग्रेड किया जाएगा। इससे राज्य के करीब 2 करोड़ से अधिक नागरिकों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा व्यावसायिक व व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।


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3. शहरों के अंदर की 200 किमी जर्जर सड़कों के लिए ₹4,200 करोड़; CC रोड बनाकर PWD को सौंपी जाएंगी

बैठक में शहरों के भीतर स्थित पुराने और जर्जर राष्ट्रीय राजमार्गों के टुकड़ों के पुनर्निर्माण पर भी बड़ा निर्णय लिया गया: एनएचएआई (NHAI) ने बीते 25-30 वर्षों में कई शहरों में नए बायपास तो बना दिए, लेकिन शहरों और आबादी के बीच से गुजरने वाले पुराने मुख्य मार्ग उपेक्षित और खस्ताहाल रह गए। प्रदेश के करीब 50 जिलों में फैले ऐसे 200 किलोमीटर लंबे पुराने मार्गों को ₹4,200 करोड़ की लागत से सीमेंट-कंक्रीट (CC) रोड में तब्दील किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार इन जर्जर सड़कों को मजबूत सीसी रोड के रूप में नया बनाकर राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) को हैंडओवर कर देगी।