उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में आश्विन शुक्ल पक्ष द्वितीया पर सोमवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी कुलदीप यादव और तिलक वर्मा बाबा के दर्शन करने महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे।दोनों खिलाड़ियों ने बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर बाबा का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ी सोमवार तड़के 4 बजे श्रीमहाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और तकरीबन 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती के दर्शन किए। दोनों खिलाड़ियों ने बाबा महाकाल का जाप किया। भस्म आरती के बाद कुलदीप और तिलक ने गेट से बाबा का आशीर्वाद लिया। बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद दोनों खिलाड़ी काल भैरव के दर्शन करने पहुंचे।

सोमवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए। इसके बाद पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।

महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती हुई।

बाबा महाकाल का भांग से शृंगार किया गया। चांदी का त्रिपुंड और चंद्रमा धारण कर बाबा ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बुधवार रात से ही कतारबद्ध थे।

परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।