मुंबई। गायक और कंपोजर शंकर महादेवन ने मशहूर मृदंगम वादक और संगीतकार श्रीधर पार्थसारथी के निधन पर दुख जताया। गायक का कहना है कि श्रीधर पार्थसारथी का जाना बड़ी क्षति है।

शंकर महादेवन ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने मशहूर मृदंगम वादक और संगीतकार श्रीधर पार्थसारथी को याद करते हुए लिखा, "यकीन ही नहीं हो रहा। मेरे लिए और म्यूजिक जगत के लिए ये एक बहुत बड़ी क्षति है। हमारे सबसे प्यारे श्रीधर पार्थसारथी, जो सबसे बेहतरीन मृदंगवादकों में से एक और एक असाधारण संगीतकार थे, हमें दुखी छोड़कर चले गए।"

उन्होंने लिखा, "करीब 40 साल पहले मेरा पहला कार्नेटिक क्लासिक कॉन्सर्ट श्रीधर के साथ था, जो मृदंगम बजा रहे थे। हमने म्यूजिक, मजाक और पागलपन भरी हंसी के साथ घंटे और दिन बिताए हैं। उनका निधन एक कॉन्सर्ट में हुआ। क्या आप यकीन कर सकते हैं? इस दुनिया से जाने का क्या तरीका है।"

शंकर ने श्रीधर के परिवार के प्रति भी अपनी संवेदनाएं जताईं और इस मुश्किल समय में उन्हें हिम्मत देने की प्रार्थना की। अपने ट्रिब्यूट को खत्म करते हुए उन्होंने लिखा, "भगवान उनके परिवार की रक्षा करे और उन्हें हिम्मत दे। लव यू श्रीधर।"

कई लोगों ने कमेंट सेक्शन में अपनी संवेदनाएं जताईं और दिवंगत संगीतकार को श्रद्धांजलि दी। श्रीधर पार्थसारथी एक जाने-माने कार्नेटिक क्लासिक गायक और मशहूर प्लेबैक सिंगर थे, जो शास्त्रीय संगीतकारों के परिवार से आते थे। एक बेहतरीन मृदंगम वादक के तौर पर उन्होंने शंकर महादेवन, लुईस बैंक्स, कार्ल पीटर्स और तौफिक कुरैशी समेत कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया था। उन्होंने दुनियाभर के बड़े-बड़े कॉन्सर्ट हॉल और म्यूजिक फेस्टिवल में भी परफॉर्म किया था।

उन्होंने संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियों के साथ मंच साझा किया। वे डी. के. पट्टम्माल, डॉ. एम. बालमुरलीकृष्ण और मदुरै जी. एस. मणी जैसे महान कर्नाटक संगीतकारों के संगति कलाकार रहे।

शास्त्रीय संगीत के अलावा वे फ्यूजन और क्रॉस-कल्चरल (विभिन्न संस्कृतियों के) संगीत प्रोजेक्ट्स में बेहद सक्रिय थे। उन्होंने प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन, लुई बैंक्स, उस्ताद जाकिर हुसैन, उस्ताद अमजद अली खान, तौफीक कुरैशी, फजल कुरैशी और नीलाद्रि कुमार जैसे कलाकारों के साथ कई यादगार जुगलबंदी की थीं।