काठमांडू। वरिष्ठ भारतीय राजनयिक सुधाकर दलेला ने शुक्रवार को राष्ट्रपति कार्यालय, शीतल निवास में आयोजित एक समारोह में नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को भारत के राजदूत के रूप में अपना परिचय पत्र सौंपा।
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने एक विशेष समारोह के दौरान भारत के राजदूत सुधाकर दलेला से परिचय पत्र प्राप्त किए।
1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी सुधाकर दलेला हाल तक भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) में आर्थिक संबंध सचिव (सेक्रेटरी, इकोनॉमिक रिलेशंस) के पद पर कार्यरत थे।
इससे एक दिन पहले, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-नेपाल संबंधों के विभिन्न पहलुओं और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
बैठक में प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत सरकार द्वारा तुरंत भेजी गई राहत सामग्री और बचाव दलों के लिए आभार जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई एकजुटता के लिए भी धन्यवाद दिया और खेलों के विकास में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठक के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री शाह को उनकी आगामी भारत यात्रा की तैयारियों और ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, ट्रांजिट तथा विमानन जैसे क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या-जनकपुर रेलवे सेवा का ट्रायल रन उसी दिन सफलतापूर्वक किया गया।
विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दीं और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग तथा प्रगति की जानकारी साझा की। साथ ही, नेपाल के प्रधानमंत्री की प्रस्तावित भारत यात्रा से जुड़े संभावित परिणामों और नई पहलों पर भी चर्चा हुई।
अपनी यात्रा के दौरान विक्रम मिस्री ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ तथा अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लम्साल से भी मुलाकात की। बुधवार को भारत और नेपाल के विदेश सचिवों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इसमें दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई और आपसी हितों पर आधारित साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
इसके अलावा, विक्रम मिस्री ने सांसदों के एक समूह से भी मुलाकात की, जिनमें भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन संसदीय समिति के सदस्य शामिल थे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाली नेतृत्व ने रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी गई तेज और व्यापक मानवीय तथा तकनीकी सहायता की सराहना की। दोनों पक्षों ने माना कि हाल के वर्षों में व्यापार, विकास साझेदारी, जलविद्युत, सड़क और रेल संपर्क, सीमा प्रबंधन, ऊर्जा तथा लोगों के बीच संबंधों जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है।
साथ ही, स्टार्टअप्स, डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और खेल जैसे नए क्षेत्रों में भी सहयोग के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को हर स्तर पर और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश सचिव की यह यात्रा दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाती है और भारत-नेपाल मित्रता व सहयोग के करीबी संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी।















