छतरपुर/खजुराहो, तुलसीदास सोनी। आदिवर्त जनजातीय एवं लोककला राज्य संग्रहालय, खजुराहो में आयोजित साप्ताहिक सांस्कृतिक श्रृंखला ‘देशज’ के तहत 31 अक्टूबर को बुंदेलखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति पर आधारित बुंदेली लोकगीतों एवं राई लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं कलाकारों के पारंपरिक सम्मान के साथ हुआ।

कार्यक्रम में पन्ना के सुदेश प्रसाद शर्मा ने देवी भजनों, संस्कार गीतों एवं पारंपरिक बुंदेली लोकगीतों की सुमधुर प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं कृष्ण कुमार सेन ने बुंदेलखंड के प्रसिद्ध राई लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। नृत्य की चपलता, आकर्षक भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध अंदाज ने दर्शकों का मन मोह लिया। राई नृत्य के माध्यम से बुंदेलखंड की लोकपरंपरा, संस्कृति और ग्रामीण जीवन की सुंदर झलक देखने को मिली।

इसी क्रम में शासन के निर्देशानुसार पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संग्रहालय के संचालन समय में भी बदलाव किया गया है। अब नवंबर से जनवरी तक संग्रहालय सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक तथा फरवरी से अक्टूबर तक दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। संग्रहालय प्रबंधन ने पर्यटकों से नई समय-सारिणी के अनुसार भ्रमण करने की अपील की है।