भोपाल। भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में खुद को फर्जी आईएएस (IAS) अफसर बताकर नौकरी और सरकारी ठेके/काम दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाली तृप्ति सिंह गिरोह के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और आरोपी को नामजद किया है। पुलिस ने शहर के एक थाना प्रभारी (TI) के भाई रोहित लिल्हारे को मामले में सह-आरोपी बनाया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल बातचीत के पुख्ता प्रमाणों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।


लाल बहादुर शास्त्री अकादमी (LBSNAA) मसूरी से वेरिफिकेशन के नाम पर झांसा; 40 लाख रुपए का लेनदेन

बागसेवनिया पुलिस की तफ्तीश में रोहित लिल्हारे की भूमिका को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं: तृप्ति सिंह ने वर्ष 2024 और 2025 के बीच रोहित के माध्यम से पीड़ित युवतियों से फोन पर बात कराई थी। बातचीत के दौरान रोहित ने युवतियों से कहा था कि ‘उनकी नौकरी पक्की हो गई है और अब सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी से अंतिम वेरिफिकेशन होना बाकी है।’ युवतियों से बात कराने के बाद मास्टरमाइंड तृप्ति ने रोहित को मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर से युवतियों के साथ का एक वीडियो भेजा और दावा किया कि इनकी नौकरी लग गई है। इस झांसे में आने और भरोसा कायम होने के बाद रोहित ने भी तृप्ति सिंह को विभिन्न माध्यमों से 40 लाख रुपये दिए थे।


UPSC की तैयारी के दौरान फर्जी IAS के संपर्क में आया था रोहित

थाना प्रभारी के अनुसार: रोहित लिल्हारे स्वयं संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहा था। उसी दौरान उसकी मुलाकात तृप्ति सिंह से हुई। रोहित ने उससे परीक्षा के लिए मार्गदर्शन (Guidance) मांगा था। फर्जी आईएएस तृप्ति ने रोहित को युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर मोटा पैसा कमाने के जाल में फंसा लिया। इसके अलावा, दोनों ने मिलकर बड़े कारोबारियों को होटल व रिसॉर्ट लीज (पट्टे) पर दिलाने के नाम पर भी धोखाधड़ी का कारोबार शुरू किया था।


सोशल मीडिया पर हाई-फाई प्रोफाइल और 'सरकारी अफसर' का चोला

जांच में यह बात भी सामने आई है कि मुख्य आरोपी तृप्ति सिंह इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेहद हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल, महंगे वाहनों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वाली तस्वीरें पोस्ट कर लोगों का भरोसा जीतती थी। एक बार जब पीड़ित उसकी नकली छवि के झांसे में आ जाते थे, तो वह नौकरी, तबादले और सरकारी काम दिलाने के बदले उनसे मोटी रकम वसूलती थी।


केस में अब तक 5 आरोपी नामजद; मुख्य सरगना सहित 3 अशोकनगर जेल में बंद

बागसेवनिया पुलिस द्वारा दर्ज इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में अब कुल 5 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है:

1. तृप्ति सिंह (मास्टरमाइंड / फर्जी IAS)

2. सुधांशु सिंह (तृप्ति का भाई)

3. प्रखर सिंह

4. भूपेंद्र (गाड़ी का ड्राइवर)

5. रोहित लिल्हारे (शहर के टीआई का भाई)


फिलहाल मुख्य आरोपी तृप्ति सिंह, उसका भाई सुधांशु और एक अन्य साथी अशोकनगर जेल में बंद हैं। पुलिस की विशेष टीम रोहित लिल्हारे के बयान दर्ज करने के साथ ही इस पूरे सिंडिकेट द्वारा अर्जित की गई बेनामी संपत्ति और अन्य पीड़ितों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।