मेलबर्न। मेलबर्न की एक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी पर 2025 में हुए हमले की जांच आतंकवाद की घटना के तौर पर की जा रही है। यह जानकारी ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने बुधवार को दी।सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 5 जुलाई 2025 की सुबह मेलबर्न के उत्तर-पूर्वी उपनगरों में स्थित 'लोविट टेक्नोलॉजीज' को निशाना बनाया गया। वहां कई गाड़ियों में आग लगा दी गई और परिसर में तोड़-फोड़ की गई।

ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस (एएफपी), ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (एएसआईओ) और विक्टोरिया पुलिस ने बुधवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि इस मामले की जांच आतंकवाद की घटना के तौर पर की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इन तीनों एजेंसियों की संयुक्त पहल, 'विक्टोरियन जॉइंट काउंटर टेररिज्म टीम' (जेसीटीटी) इस हमले की जांच आतंकवाद की घटना के रूप में कर रही है। आशंका है कि इस हमले को अराजकतावादी और क्रांतिकारी विचारधारा वाले अति-वामपंथी चरमपंथियों ने अंजाम दिया है।

जेसीटीटी का आरोप है कि एक ग्रुप के नकाबपोश सदस्यों ने बाद में ऑनलाइन एक वीडियो पोस्ट करके हमले की ज़िम्मेदारी ली।

वीडियो में कथित दोषियों ने फिलिस्तीन के लिए अपना समर्थन जताया और आग लगाने वाला डिवाइस बनाने के तरीके बताए। माना जाता है कि जुलाई 2025 के हमले में इसी तरह के डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था।

घटना के बाद नकाब पहने एक व्यक्ति ने ऑनलाइन वीडियो शेयर किया। उसने "एनॉनिमस सेल" की तरफ से बात करने का दावा करते हुए फिलिस्तीन का समर्थन किया और कहा कि लवित टेक्नोलॉजीज को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि वह ग्लोबल एफ-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर प्रोग्राम में शामिल थी, ऐसे एयरक्राफ्ट जिनका इस्तेमाल इजरायली सेना करती रही है।

अधिकारियों ने बताया कि कथित दोषियों ने कंपनी को इसलिए निशाना बनाया, क्योंकि उन्हें लगा कि वह ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स की सप्लाई चेन का हिस्सा है।

लवित टेक्नोलॉजीज की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी लॉकहीड मार्टिन के एफ-35 जॉइंट स्ट्राइक फ़ाइटर प्रोग्राम के साथ-साथ बोइंग के कई मिलिट्री एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन प्रोग्राम को भी सपोर्ट करती है।

जेसीटीटी ने कहा कि अगर कथित दोषी आतंकवादी गतिविधि में शामिल होने के आरोप में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है।