मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों चर्चित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा। संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे के बातों को इतनी गंभीरता देनी की जरूरत नहीं है।
संजय राउत ने कहा, "आप एकनाथ शिंदे की बातों को इतनी गंभीरता क्यों देते हैं? वह कोई बड़े नेता नहीं हैं। वह एक बेईमान नेता हैं, जिन्होंने शिवसेना को तोड़ा। इसी तरह सुवेंदु अधिकारी के बातों को भी गंभीरता मत दीजिए। ये सभी ऐसे लोग हैं जिन्होंने उन्हें राजनीतिक पहचान देने वाले मंच के साथ विश्वासघात किया है।"
संजय राउत ने कहा कि जब तक ऐसे लोगों के हाथ में सत्ता और पैसा है, तब तक वे इस तरह की बातें करते रहेंगे। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "जिस दिन सत्ता और पैसा उनके हाथ से निकल जाएगा, उस दिन जनता उनके बदन पर कपड़े भी नहीं रहने देगी।"
दरअसल, यह बयान एकनाथ शिंदे के उस हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने शिवसेना और महायुति गठबंधन की मजबूती का दावा किया था। एकनाथ शिंदे ने कहा था कि शिवसेना की स्थापना 60 साल पहले किसानों, मजदूरों, बहनों और आम लोगों की सेवा के लिए हुई थी।
उन्होंने कहा कि उनके सभी सांसद और विधायक उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और 'यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।'
एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें स्वच्छ छवि वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं और देश के लिए जो काम प्रधानमंत्री मोदी ने किए हैं, वह बालासाहेब ठाकरे का सपना था। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और नक्सलवाद को समाप्त करने का काम किया।
डिप्टी सीएम शिंदे ने यह भी कहा कि शिवसेना भगवा विचारधारा की पहचान है और जिन्होंने इस विचारधारा को भुलाया, उन्हें राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे पहले एनसीपी और बाद में कांग्रेस ने शिवसेना को तोड़ने का काम किया।
गौरतलब है कि 'ऑपरेशन टाइगर' महाराष्ट्र की राजनीति में उस कथित अभियान को कहा जा रहा है, जिसके तहत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं और सांसदों को अपने साथ लाने की कोशिश किए जाने की चर्चा है।

